ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
by महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय
Source: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (origin)
DevanagariSanskritpublished592 pages
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पहला अध्याय ] ४६१ त्रिवृत् तेज है, पंचदश वीर्य है, सप्तदश सन्तान है और इक्कीस प्रतिष्ठा है। इस प्रकार इसको तेज, वीर्य, सन्तान और प्रतिष्ठा से सम्पन्न करता है। इसलिये ज्योतिष्टोम चाहिये। इसमें २४ स्तोम और शस्त्र चाहिये। संवत्सर में २४ अर्द्धमास होते हैं। संवत्सर में सम्पूर्ण अन्न होते हैं। इस प्रकार वह यजमान को सब प्रकार के अन्न से संयुक्त करता है। इसलिये ज्योतिष्टोम का अग्निष्टोम चाहिये। ऐतरेय ब्राह्मण की आठवीं पञ्चिका का पहला अध्याय समाप्त हुआ।