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अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

by पारम्परिक लोक संग्रह

Source: अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ) · खेमराज श्रीकृष्णदास / नवल किशोर प्रेस · 1935 (origin)

DevanagariHindipublished292 pages

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( २ ) विषय पृष्ठ संख्या १७—बीरबल की चतुरता ७१ १८—अपनी मनमानी दूँगा ७३ १९—बीरबल और मदिरा ७६ २०—शिर के बाल मुड़वा दूँगा ८० २१—सन्देह की निवृत्ति ८४ २२—बीरबल गाय राँधत ८५ २३—सब का ध्यान आपकी तरफ था ८६ २४—सच्चे झूठे का भेद ८७ २५—चुप्पा सब से भलां ,, २६—सौवाँ अंश ८६ २७—अधिकतर प्रिय क्या है ९० २८—मिश्री के डेली का हीरा ९३ २९—नकली बीरबल ९८ ३०—खुदा को अक्ल से पहचान करो १०० ३१—शीशे में छाया चित्र १०३ ३२—नया दीवान १०६ ३३—ताक वाला सेव और पाखाने का देव ११३ ३४—दर्पण में मोहरें ११७ ३५—बुलाता आ ११९