BharatKosha
बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

by सद्गुरु मधु परमहंस जी

Source: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

Devanagarihipublished122 pages

Page 102 of 122

Read in context
Page 102

100 साहिब बन्दगी

(43) साहिब जी को गहरे गड्ढे में डलवाना

बार-बार कसनी लेकर हारा हुआ धर्म गुरु साहिब को मारने का नित्य नया ढंग अपनाता रहता जिससे साहिब की सत्य भक्ति का संदेश लोगों तक और ज्यादा जाता। जैसे ही शेख तकी की योजनाएँ असफल होतीं, उसके क्रोध की आग और बढ़ जाती। शेख तकी और उसके साथियों ने विचार किया कि कबीर को ज़मीन में गहरा गड्ढा खोदकर गाड़ देते हैं। शेख तकी ने मजदूरों को बुलाकर एक स्थान पर गहरा गड्ढा खोदने का आदेश दिया। मजदूरों ने जल्दी ही एक गहरा गड्ढा खोद डाला। अब शेख तकी साहिब के पास गया और उन्हें साथ लेकर उस गड्ढे के पास लाया। तकी ने साहिब को उस गड्ढे में बैठने के लिए कहा। चुपचाप साहिब शांत भाव से उस गड्ढे में बैठ गये। शेख तकी ने मजदूरों को आदेश दिया कि फौरन इस गड्ढे को मिट्टी से भर दो। हुक्म का पालन करते हुए मजदूरों ने बहुत जल्दी उस गड्ढे को मिट्टी से भर दिया। जब गड्ढा पूरी तरह से भर गया तो साहिब बाहर खड़े-खड़े मुस्करा रहे थे। यह देख शेख तकी और उसके साथियों का लज्जा से सिर झुक गया और वे चले गए।

मारन हेतु सब ने मिल के, गहरा खड्डा खुदवाया।
खड्डे में साहिब बैठन को, तकी हुक्म सुनाया॥
झट से गड्डा धर्म गुरु ने, मिट्टी से भरवाया।
बाहर खड़े मुसकाते साहिब, देख पाखण्डिआँ मुख छुपाया॥