BharatKosha
बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

by सद्गुरु मधु परमहंस जी

Source: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

Devanagarihipublished122 pages

Page 50 of 122

Read in context
Page 50

48 साहिब बन्दगी

(17) साहिब जी को अष्ट धातु की गदा से मरवाया जाना

साहिब की बढ़ती हुई सत्य भक्ति से परेशान पीर शेख तकी को कुछ भी नहीं सूझ रहा था कि साहिब को कैसे मरवाया जाए। एक दिन उसके सहयोगियों ने सलाह दी कि क्यों न अष्ट धातु की गदा बनवाई जाए और उसका प्रहार कबीर पर करवाया जाए। अष्ट धातु की बनी गदा के प्रहार से कोई भी जीवित नहीं बच सकता। शेख तकी को योजना बहुत पसंद आई। उसने उसी समय ऐसी कई गदा बनवाने का आदेश दिया।

बढ़ती महिमा देख साहिब की, सूझा एक उपाय।
अष्ट धातू की गदा बनाकर, साहिब को मरवायें॥

कुछ ही दिनों में कारीगरों ने अष्ट धातु की गदाएँ तैयार कर दीं। अब उन्हें चलाने वाले चाहिए थे। शेख तकी ने गदा चलाने वाले कुशल पहलवानों को बुलवाया और उन्हें उनका काम समझा कर मुँह मांगा ईनाम देने की बात भी कही। अवसर पाते ही तकी के आदेशानुसार पहलवानों ने गदाएँ अपने-अपने हाथ में लेकर साहिब पर प्रहार करने शुरू कर दिये। प्रहार करते-करते पहलवान तो थक गये और हार मान कर भाग गये, पर साहिब का कुछ नहीं बिगड़ा। यह देख शेख तकी और उसके पाखण्डी साथी बड़े दुखी और लज्जित होकर चले गए।

सबने मिलके साहिब के, शीश पे गदा चलाई।
गदा चलाकर थके पहलवां, साहिब को आँच न आई॥