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बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

by सद्गुरु मधु परमहंस जी

Source: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

Devanagarihipublished122 pages

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54 साहिब बन्दगी

#(20) दूध में काँच मिलाकर साहिब जी को पिलाया जाना

दूर-दूर तक साहिब की ख्याति दिनों-दिन बढ़ती जा रही थी। साहिब की जय-जयकार के जैकारे सुनते-सुनते शेख तकी की क्रोध अग्नि चरम सीमा तक पहुँच गई थी। एक समय शेख तकी ने साहिब से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए किसी विश्वसनीय सहयोगी की सलाह ली। दोनों ने मिल कर एक नया षड्यंत्र रचा कि साहिब को दूध में काँच डालकर पिलाया जाये तो साहिब जीवित नहीं बच पाएगा। शेख तकी ने सोचा कि इससे बादशाह की दृष्टि में भी कबीर नीचा हो जायेगा। यह सोच उसने काँच मँगवाया और उसे बहुत बारीक पीसकर दूध में मिला दिया। काँच मिले हुए दूध को शेख तकी ने कबीर साहिब को पीने के लिए दिया। अंतर्यामी साहिब सब जानते थे। उन्होंने काँच मिले हुए दूध को अपने हाथों में लिया। ऐसे में एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। उस दूध से मनुष्य निकल-निकल कर साहिब के चरणों में बन्दना करने लगे। यह देख सब आगे बैठे भक्तजन साहिब की जय-जयकार करने लगे और शेख तकी मारे लज्जा के वहाँ से अपना मुख छुपा कर चला गया।

शेख तकी ने काँच मिला दूध, साहिब को पकड़ाया। भरे गिलास से मनुष्य निकल कर, चरनी शीष झुकाया॥ मारे लज्जा के कोई पाखण्डी, पल भर रुक न पाया। जय-जयकार हुई जगत में, अमरलोक का साहिब आया॥