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बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

by सद्गुरु मधु परमहंस जी

Source: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

Devanagarihipublished122 pages

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58 साहिब बन्दगी

(22) साहिब जी को मरवाने के लिए जादू की पुड़िया खिलाई गई

जब राज गुरु शेख तकी के साहिब को मारने के सारे प्रयास विफल होने लगे तो उसे लगा कि शायद कबीर कोई बहुत बड़ा जादूगर है जो अब तक मारा नहीं गया। उसने सोचा कि कोई जादूगर ही जादूगर कबीर को मारने का सही तरीका बता सकेगा। यह सोच कर उसने साथियों को बुलाया और साहिब को मारने के नये षड्यंत्र के बारे में बताया। सबको यह बात अच्छी लगी। शेख तकी ने अपने सिपाहियों को किसी प्रसिद्ध जादूगर को खोज लाने की बात कही। सिपाहियों को एक ऐसा प्रसिद्ध जादूगर मिल गया। शेख तकी अपने साथियों सहित उस जादूगर के पास गया और कबीर को एक जादूगर बताते हुए कहा कि उसे मार कर पीछा छुड़ाने का कोई उपाय बताओ। जादूगर ने उसकी समस्या को सुनकर उसे एक जादू की पुड़िया दी और उसके प्रयोग की विधि भी बताई। शेख तकी बड़ा खुश हुआ, सोचा कि अब साहिब से छुटकारा मिल जायेगा। अब ठीक समय पाकर जादूगर द्वारा बताई गई विधि के अनुसार शेख तकी ने उस पुड़िया का प्रयोग साहिब पर कर दिया। लेकिन हुआ तो बिलकुल ही उल्टा। साहिब का तो कुछ भी नहीं बिगड़ा बल्कि शेख तकी को ही उस पुड़िया द्वारा कष्ट उठाना पड़ा।

तंत्र मंत्र सब झूठ है, मत भरमो कोय।
सार नाम पाय बिना, कागा हंस न होय॥
डांकिनी शाकिनी बहु किलकारें, जम किंकर धर्मदूत हंकारे।
सत्य नाम सुन भागे सारे, जब सतगुरु नाम उचारा है॥

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