भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
by महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास)
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Read in contextभृगुसंहिता फलित-दर्पण फलित-प्रकाश BHRIGU-SANHITA PHALIT-DARPAN (PHALIT-PRAKASH) [जन्मकुण्डली के द्वादश भावों में स्थित नवग्रहों का जातक के जीवन पर प्रभाव, ज्योतिष के सिद्धान्त एवं ग्रह-राशि आदि के विषय में विस्तृत जानकारी सहित संसार के प्रत्येक स्त्री-पुरुष की जन्मकुण्डली के फलादेश का अत्यन्त सरलतापूर्वक ज्ञान कराने वाला सर्वोपयोगी ग्रन्थ] • मूल ग्रन्थ के लेखक भृगु ऋषि महर्षि भृगु को भारत में जन्म लिये हजारों वर्ष व्यतीत हो गए हैं, परन्तु भारत की 60,00,00,000 (साठ करोड़) धर्मप्राण जनता आज भी उनके द्वारा लिखित इस ग्रन्थ-रत्न से प्रेरणा लेती है। जिस दैवज्ञ (ज्योतिषी) के पास यह ग्रन्थ-रत्न रहेगा, लक्ष्मी उसके सदा चरण- चुम्बन करेगी। —राजेश दीक्षित देहाती पुस्तक भण्डार (Regd.) चावड़ी बाजार, दिल्ली-110006 फोन : 261030