बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)
Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans
by नरपति नाल्ह
DevanagariHindipublished315 pages
Page 314 of 315
Read in contextPage 314
- २१२ - ५३. एन्सियन्ट इण्डिया ऐज डेसक्राइब्ड् बाई टालेमो । ५४ वीर काय— डा० उदयनारायण तिवारी । ५५ बीसलदेव रासो— श्री सत्यजीवन वर्मा । ५६ बीसलदेव रासो— डा० माताप्रसाद गुप्त । ५७ हिन्दी साहित्य का इतिहास-आचार्य रामचन्द्र शुक्ल । ५८. हिन्दी साहित्य का आलो चनात्मक इतिहास— डा० रामकुमार वर्मा ।
- शब्द कोष * ५६ पाइ अ - सद् - महार्णवो । ६०. अभिधान राजेन्द्र । ६१ संस्कृत हिन्दी डिक्शनरी -- मानियर विलियम । ६२ वैदिक इंडेक्स । मैकडोनेल और कोय । ६३ हिन्दी शब्द सागर । ६४ ढोला मारू रा दूहा । ६५ डिंगल रा सबद । रायल एशियाटिक सोसाइटी में सुरक्षित पाण्डुलिपि । राजस्थाना पाण्डुलिपियों की सूची पत्र स० ३८ सी० १६ ।