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चरक संहिता (प्रथम भाग: सूत्र, निदान, विमान, शारीर व इन्द्रिय स्थान)

चरक संहिता (प्रथम भाग: सूत्र, निदान, विमान, शारीर व इन्द्रिय स्थान)

Charaka Samhita Part 1 with Hindi Translation

by महर्षि चरक व अग्निवेश

Source: चौखम्बा विद्याभवन · चौखम्बा विद्याभवन (origin)

DevanagariSanskritpublished639 pages

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६१४ चरकसंहिता [ अ० ८ सुखोष्णं बस्तिं श्लेष्मविकारिणे विधिवद्दद्यात् । शीतं तु मधुसर्पिर्भ्यामुपसं- स्कृत्य पित्तविकारिणे विधिज्ञो विधिवद्दद्यादिति तिक्तस्कन्धः ॥१४०॥ तिक्तस्कन्ध- चन्दन, उशीर, कृतमाल, नाटा करञ्ज, निम्ब, तुम्बरु, कूड़ा, हल्दी, दारुहल्दी, मुस्ता, मूर्वा, चिरायता, कुटकी, त्रायमाणा, करीर, करवीर, पत्तूर, कर्कटक ( करेला ), वांशा, मण्डूकपर्णी, कांकरोला, बैंगन, परवल, काको दुम्बर, मकोय, करेला, सुषवी ( जंगली करेला ), अतीस, परवल, कुणक ( पर- वल का भेद ), पाठा, गिलोय, बेंत का अग्रभाग, अम्लवेतस, कुंच, मौलसरी, श्वेत खदिर, सप्तपर्ण, चमेली, आक, बाबची, त्रिफला, तगर, अगरु, उशीर, इन द्रव्यों को वा तिक्त वर्ग में गिने हुए अन्य औषध द्रव्यों को कूट पीस कर पानी से धो कर पानी के साथ पूर्ववत् विधि से पाक करना चाहिये । सिद्ध होने पर इसमें मधु, तेल और नमक मिलाकर हलके गरमबस्ति को विधिपूर्वक श्लेष्म रोगी के लिये देना चाहिये । शीतल होने पर मधु और घी मिला कर पित्त रोगी को देनी चाहिये । यह तिक्तस्कन्ध है ॥ १४० ॥ प्रियङ्गवनन्ताम्रास्थ्यम्बष्ठाकी-कट्वङ्ग-लोध्र- मोचरस-समङ्गा-धातकी पुष्प-पद्म-पद्मकेशर-जम्ब्वाम्रत्वक्प्लक्ष-वटक-पीतनोदुम्बराश्वत्थ-भल्लात- काश्मन्तक-शिरीष-पुष्प-शिंशपा-सोमवल्क-तिन्दुक-पियाल-बदर- खदिर- सप्तपर्णाश्वकर्ण-स्यन्दनार्जुनासनानि मेदैडवालुक-परिपेलव-कदम्ब-श- ल्लकी-जिङ्गिनी-काश-कशेरुक-राजकशेरुक-कट्फल-वंश-पद्मकाशोक-शाल धव-सर्ज-भूर्ज-शण-खरपुष्पा-पुरशमी-माची-कवरक-तुङ्गाजकर्णाश्वकर्ण- स्फूर्जक-विभीतका-कुम्भी-पुष्कर-बीज-बिस-मृणाल-ताल-खर्जूर-तरूणामे- वंविधानां चान्येषां कषायवर्गपरिसंख्यातानामौषधद्रव्याणां छेद्यानि खण्डशश्छेदयित्वा भेद्यानि चाणुशो भेदयित्वा प्रक्षाल्य पानीयेन सह साधयित्वोपसंस्कृत्य यथावन्मधुतैललवणोपहितं सुखोष्णं बस्तिं श्लेष्म- विकारिणे विधिज्ञो विधिवद्दद्यात् । शीतं तु मधुसर्पिर्भ्यामुपसंसृज्य पित्त- विकारिणे विधिज्ञो विधिवद् दद्यादिति कषायस्कन्धः १४१ ॥ कषाय स्कन्ध-फूल प्रियंगु, अनन्तमूल, आम की गुठली, पाठा, श्योनाक, लोध्र, मोचरस, मंजीठ, धाय के फूल, पद्म, कमल का केशर, जामुन, आम, पिल- खन, बड़, कपीतन, गूलर, पीपल, भिलावा, पाषाणभेद, सिरस, शीशम, खैर, तिन्दुक, पियाल, बेर, खैर ( लाल ), सप्तपर्ण, अश्वकर्ण ( पलाश ), तिनिश, अर्जुन, असन, विट्, खदिर, तेजबल, कैवर्त्तमुस्ता, कदम्ब, शल्लकी, जिगण, कास, कसेरु, राजकसेरु, कायफल, बांस, पद्माख, अशोक, साल, धव, सर्जवृक्ष, भोजवल्कल, वृक्ष, तुलसी, शमी, देवदारु, वोरुक, पुंनाग, शाल भेद, वंशा