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धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation

by महापण्डित राहुल सांकृत्यायन

DevanagariHindipublished213 pages

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२२-निरयवग्गो जेतवन सुन्दरी (परिव्राजिका) ३०६-अभूतवादी निरयं उपेति यो वापि कत्वा 'न करोमी' ति चाह । उभोपि ते पेच्च समा भवन्ति निहीनकम्मा मनुजा परत्थ ॥१॥ (अभूतवादी निरयमुपैति, यो वाऽपि कृत्वा 'न करोमी' ति चाह । उभावपि तौ प्रेत्य समा भवतो निहीनकर्माणौ मनुजौः परत्र ॥१॥ अनुवाद—असत्यवादी नरकमें जाते हैं, और वह भी जो कि करके 'नहीं किया'—कहते हैं। दोनो ही प्रकारके नीचकर्म करने वाले मनुष्य मरकर समान होते हैं। राजगृह (वेणुवन) (पाप फलानुभवी प्राणी) ३०७-कासावकण्ठा बहवो पापधम्मा असञ्ञता । पापा पापेहि कम्मेहि निरयन्ते उप्पज्जरे ॥२॥ [ १३५