जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)

जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)
by भगवान बुद्ध / पालि त्रिपिटक
Source: जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद) · हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग · 1956 (origin)
DevanagariHindipublished479 pages
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४०४ [ २८२३० इस प्रकार घबराते हुए का कहना सुन, गन्धार राजा उसके सर्वाङ्ग सङ्गुष्ट महा ललाट को देख, भयभीत हो, डर, भागकर अपने नगर ही चला गया। शास्ता ने यह धर्म-देशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय गन्धार राजा पलासी परिव्राजक था। वाराणसी राजा तो मैं ही था।