कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
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Read in contextतब उरियाहने सुना कि, मेरी स्त्रीसे सम्भोग करनेके लिये उसने मुझे भरवा डाला था। तब वह निस्तब्ध होरहा कुछ न बोला। यद्यपि दाऊदने बहुत पुकारा रोया गाया पर वह फिर न बोला। तब दाऊद उसकी कन्न पर चिल्लाने रोने अपनेको धिक्कार देने लगा कि, खेद है तुझ दाऊद पर कि, अब तुझको पापिष्टियोंके साथ नरकको ले चलेंगे।
एक दूसरी कहावत है कि दाऊदके पास मनुष्य स्वरूप धारण कर दो फिरिश्ते आये। दाऊदसे पूछा कि, ऐ दाऊद बादशाह! हम दोनों भाई हैं, मेरे पास केवल एक भेड़ थी, मेरे इस भाईके पास निज़ानबे भेड़ें थी सो इसने बलपूर्वक मुझसे वह एक भेड़ भी छीनली। तू बादशाह है मेरा न्याय कर तब दाऊदने कहा कि, वस्तुतः तेरा भाई अत्याचारी है और निस्संदेह इसने अत्याचार किया। जब दाऊदने इतनी बात कही तब वे दोनों फिरिश्ते अन्तर्धान होगये। दोनों फिरिश्तोंके विलोपित होने पर दाऊद जान गया कि, वे दोनों फिरिश्ते थे। मनुष्य नहीं थे। खुदाने मेरी परिक्षा ली, मुझे अत्याचारी ठहराया। क्यों कि, दाऊदकी निज़ानबे स्त्रियां थीं उरियाह जिसकी एकही स्त्री थी उसको भी उसने छीन लिया था। बादशाहतके बलसे दाऊद तथा मूसाने बड़ाही रक्तपात किया।
समीक्षा—यह दाऊद आवागमनको प्रगट करता है अपने पूर्वजन्मको स्वीकार करता है। देखो जम्बूरका (५१) बाब (५) (६) आयत देख मैंने बुराइम सूरत पकड़ी और पापके साथ मेरी माताने मुझको अपने पेटमें लिया। अर्थात् दाऊद कहता है कि,—मैंने पाप किया था इस कारण मेरी माता ने मुझे गर्भमें लिया पापोंके कारण मैं मातृगर्भमें आया अर्थात् मैं अपनी उत्पत्तिके पूर्वसे पापिष्टी था ऐसा दाऊदके कथनसे प्रगट होता है कबीरजीने भी पिछले पापोंका इस निम्न साखीसे वर्णन किया है कि—
कबीर साहबकी साखी
उर्दूसीस उर्दूहि चरण, यह पिछली तकसीर।
कुम्भी नरक पठाइयां, जड़ियां भरम जँजीर ॥
८ सुलेमान—दाऊदके पीछे अपने पिता दाऊद बादशाहका सत्वाधिकारी हुआ। उसकी सातसौ स्त्रियां तथा तीनसौ रखैलें थीं। सहस्रों स्त्रियोंके साथ भोग विलास किया करता था। यह सुलेमान बादशाह अपने पिताके स्थानपर नबी भी था। आपका हाल पुराने अहदनामें तथा इतिहासोंमें लिखा हुआ है। वह स्त्रियोंके बहकानेसे भूसाका नियम तोड़कर मूर्तिपूजामें संलग्न हुआ उसका ईमान फिर गया। इस कारण उसपर खूदाई क्रोध उपस्थित हुआ। उसको दण्ड