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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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जैसी कि, उसके मर जानेसे हुई। उसके मरनेके पीछे उड़ गया। कुछ घण्टोंके पीछे एक नवीन कबूतरी ले आया।

जर्मनी और फ्रांसके कबूतर।

मैंने सुना है कि, शाहंशाह जर्मनी और फ्रांस देशके अधिकारियोंके पत्रवाहक कबूतर भी हैं, वे कबूतरोंके गलेमें पत्र बाँध देते हैं वे उन्हें पहुँचाया करते हैं। डाकके हरकारे कबूतर हैं उनकी उड़ानमें ऐसा बल है कि, एक दिनमें डेढ़ सौ अथवा दो सौ कोस तक उड़ जाते हैं नियत स्थानपर पत्र पहुँचाते हैं। उनके लिये स्थान बने हुये हैं, जहाँ वे ठहरते हैं उन स्थानोंपर उनके लिये चारा दाना देनेवाले उपस्थित रहते हैं सारी चौकसी हुआ करती है।

मैना।

मैनाको अङ्गरेजीमें मेगपर्ड कहते हैं। यह पक्षी इङ्ग्लिस्तान देशका रहनेवाला है। ग्यारह इंचके लगभग लम्बा होता है लाल काले रङ्ग होते हैं। यह माँस तथा अन्न आदि सभी कुछ खाता है। चार पायोंकी बहुत सेवा करता है उनकी समस्त जुएँ इत्यादिको खा जाता है। बहुत अत्याचारी तथा स्वार्थी पक्षी है, बहुत सावधान तथा किसानोंका शत्रु है। इसको चोरीकी बड़ी लत है। बहुत धूर्त तथा चालाक है। यदि किसी भी प्रकारकी आपत्ति निकट हो तो वह बहुत चौखती चिल्लाती है। अपने समस्त सजातियोंको सचेत कर देती है। उसकी चिल्लाहट सुनकर सारे बनले पशु सचेत हो जाते हैं। सारे पशु पक्षी तथा हिंसक जीव उसके चिल्लानेके तात्पर्यको अच्छी तरह समझते हैं। सब चौकस हो जाते हैं। जिससे आखेट करनेवाला निराश हो जाता है। कवि ऐसा अनुमान करते हैं कि, पूर्वकालमें मेगपर्ड स्त्रियां थीं। यह कागका एक रूप है। ये बहुत चिल्लाती तथा हुल्लड मचाती हैं। उनके पर सुन्दर होते हैं। ऐसा समझा जाता है कि, वे पहलेसे समाचार दिया करती हैं यदि एक प्रगट हो तो उसे बुरा शकुन समझना चाहिये यदि चार देखनेमें आवें तो उससे मृत्युकी आशङ्का होती है, यदि पांच दिखाई दें तो अत्यन्त विपत्ति आती है।

चोर मैना—एक कहानी है कि, फ्लारेन्स नगरीमें बेसिनो नामक एक बेगम रहती थी। उसका एक बहुमूल्य हार खो गया। उस चोरीमें एक छोटी बालिकाके शिर दोषारोपण किया गया, जिसके कारण उस लड़कीको कष्ट पहुँचाया जाने लगा। जब वह न सह सकी तो उसने दोष स्वीकार कर लिया पर माल उसके पास नहीं निकला। उसको फांसीपर लटका दिया। उस अनजान लड़कीको फांसीपर लटका चुकनेके बाद उसके कुछ कालके पीछे प्रचण्ड आँधी