करूँ जगत से न्यार
Karun Jagat Se Nyaar
by सतगुरु मधु परमहंस जी
Source: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (origin)
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Read in contextविषय सूचि
1. गुरु ज़रूरी है
2. गुरु और सतगुरु में अन्तर
3. सतगुरु क्या करेगा
4. सोई निज पीव हमारा है
5. नाम से पहले और बाद में
★ नाम से पहले वर्तमान में आप क्या हैं ★ नाम से क्या होगा ★ कहाँ से आया नाम 6. जो वस्तु मेरे पास है, ब्रह्माण्ड में कहीं नहीं है 7. नाम दान का दिन 8. हमारा पंथ क्या है ★ तीन लोक से परे एक चौथे लोक की बात कर रहे हैं ★ सगुण-निर्गुण से परे सत्य - भक्ति की बात कर रहे हैं ★ कमाई से परे सतगुरु कृपा की बात कर रहे हैं ★ 52 अक्षर या अनहद शब्द से परे नि:शब्द (सार नाम ) ★ 10वें द्वार से परे 11वें द्वार की बात कर रहे हैं 9. पंथ के नियम ★ सत्य बोलना ★ माँस नहीं खाना ★ नशा न करना ★ चोरी न करना ★ चरित्रवान् रहना ★ जुआ न खेलना ★ हक की कमाई खाना ★ नियमों के पालन से क्या होगा ★ नियमों के उल्लंघन से क्या होगा