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कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

by आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला

DevanagariSanskritpublished918 pages

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प्र० ८२ : अ० ७ ] आशुमृतक की परीक्षा ३७३

(१) तमेव सशोणितदंशं सर्पकीटहतं विद्यात् । (२) विक्षिप्तवस्त्रगात्रमतिवान्तिविरिक्तं मदनयोगहतं विद्यात् । (३) अतोऽन्यतमेन कारणेन हतं हत्वा वा दण्डभयादुद्वन्धनिकृत्तकण्ठं विद्यात् । (४) विषहतस्य भोजनशेषं पयोभिः परीक्षेत । हृदयादुद्धृत्याग्नौ प्रक्षिप्तं चिटचिटायदिन्द्रधनुर्वर्णं वा विषयुक्तं विद्यात् । दग्धस्य हृदयमदग्धं दृष्ट्वा वा । (५) तस्य परिचारकजनं वा वाग्दण्डपारुष्यातिलब्धं मार्गेत । दुःखोपहतमन्यप्रसक्तं वा स्त्रीजनं, दायनिवृत्तिस्त्रीजनाभिमन्तारं वा बन्धुम् । तदेव हतोद्वद्धस्य च परीक्षेत ।


पड़ गये हों और मुख से झाग निकलता हो तो समझना चाहिए कि उसको जहर देकर मारा गया है ।

( १ ) यदि यही हालत हो और किसी कटे हुए स्थान से खून निकल रहा हो तो समझना चाहिए कि उसे साँप से या किसी जहरीले कीड़े से कटवा कर मारा गया है ।

( २ ) जिसका शरीर एवं जिसके वस्त्र अस्तव्यस्त हों और जिसको कै दस्त हुए हों तो समझना चाहिए कि उसे धतुरा या ऐसी ही उन्मादक वस्तुओं को खिला-कर मारा गया है ।

( ३ ) इन उक्त कारणों में से किसी एक कारण से मरे हुए व्यक्ति की परीक्षा की जाय अथवा कोई व्यक्ति किसी हत्या या फाँसी के भय से स्वयं ही फांसी लगाकर या आत्महत्या करके मर सकता है, इसकी भी परीक्षा की जाय ।

( ४ ) विष से मरे हुए व्यक्ति के पेट से अन्न निकाल कर उसकी रासायनिक क्रिया से परीक्षा की जाय । यदि पेट में अन्न न हो तो उसके हृदय का एक अंश काट कर आग में छोड़ा जाय, यदि उसमें 'चिट-चिट' की आवाज निकले या इन्द्र धनुष के समान लाल-पीला धुआँ निकले तो उसे विष द्वारा मारा गया समझना चाहिए । अथवा जलाये हुए व्यक्ति के अधजले, हृदय को देख कर परीक्षा करनी चाहिए ।

( ५ ) अथवा मृतक व्यक्ति के उन नौकर-चाकरों से विष देने वाले का पता लगाया जाय, जिन्हें वाक्पारुष्य और दण्डपारुष्य से तङ्ग किया गया हो । दुःखित तथा परपुरुष गामिनी स्त्री से, मृतक की सम्पत्ति का उत्तराधिकार पाने वाले व्यक्तियों से, और जो व्यक्ति मृतक की विधवा स्त्री को अपनी स्त्री बनाने की इच्छा रखते हों, उनसे मृतक व्यक्ति के सम्बन्ध में पूछ-ताछ की जाये । इसी प्रकार किसी की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर देने वाले व्यक्तियों के सम्बन्ध में भी पूछ-ताछ की जाय ।

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