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महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व

महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व

Mahabharata (Vol 1) - Adi and Sabha Parva

by महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास

DevanagariSanskritpublished2,256 pages

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जनमेजय! जब देवयानीने देखा, गौएँ तो वनसे लौट आयीं पर उनके साथ कच नहीं हैं, तब उसने उस समय अपने पितासे इस प्रकार कहा ।। ३० ।।

देवयान्युवाच आहुतं चाग्निहोत्रं ते सूर्यश्चास्तं गतः प्रभो ।
अगोपाश्चागता गावः कचस्तात न दृश्यते ।। ३१ ।।