महाभारत (खंड ४) - द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक व स्त्री पर्व

महाभारत (खंड ४) - द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक व स्त्री पर्व
Mahabharata (Vol 4) - Drona, Karna, Shalya, Sauptika and Stri Parva
by महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास
DevanagariSanskritpublished3,237 pages
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॥ श्रीहरिः ॥ श्रीमन्महर्षि वेदव्यासप्रणीत
महाभारत
(चतुर्थ खण्ड)
[द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक और स्त्रीपर्व]
(सचित्र, सरल हिंदी-अनुवादसहित)
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥
अनुवादक—
(साहित्याचार्य पण्डित रामनारायणदत्त शास्त्री पाण्डेय ‘राम’)