संक्षिप्त नारद पुराण

संक्षिप्त नारद पुराण
Sankshipt Narada Purana
by महर्षि वेदव्यास
Source: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (origin)
DevanagariHindipublished770 pages
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भाव बननेपर भगवद्भक्तिके उत्कर्षके बाद अन्तमें भगवत्प्राप्ति कर लेनेमें समर्थ हो जाता है। आशा है आत्म-कल्याणकामी पाठकों और सभी श्रद्धालु, जिज्ञासुजनोंके लिये प्रस्तुत इस ‘नारदपुराण’ का अध्ययन विशेष उपयोगी सिद्ध होगा।
अतः सभी भगवत्प्रेमी महानुभावों और श्रद्धालु पाठकोंसे हमारा विनम्र निवेदन है कि इसके अधिकाधिक अध्ययनसे विशेष पारमार्थिक लाभ उठाना चाहिये।
$—प्रकाशक$