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निराले सद्गुरु

निराले सद्गुरु

Nirale Satguru

by साहिब बन्दगी

Source: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (origin)

DevanagariHindipublished112 pages

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112 साहिब बन्दगी

  1. मैं कहता हूँ आँखिन देखी

  2. गुरु संजीवन नाम बतावे

  3. नाम बिना नर भटक मरे

  4. रोगों की पहचान

  5. यह संसार काल को देशा

  6. न्यारी भक्ति

  7. साहिब तेरी साहिबी सब घट रही समाय

  8. जाप मरे अजपा मरे अनहद भी मर जाए

  9. आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में

  10. सुरति समानी नाम में

  11. सबकी गठरी लाल है, कोई नहीं कंगाल

  12. निराले सद्गुरु

  13. कुँजड़ों की हाट में हीरे का क्या मोल


सन्तो सो सतगुरु मोहे भावे, जो आवागमन मिटावै।
द्वार न मूदे पवन न रोके, न अनहद उरझावे॥