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प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)

प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)

Pratyabhijnahridayam of Acharya Kshemaraja with Hindi Commentary

by आचार्य क्षेमराज

DevanagariHindipublished187 pages

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( ६ ) पारमार्थिक ७३ प्रमातृ ४५, ४७, ४९, ५०, ७३, ९७ पारमेश्वर ४४ प्रमातृता ५५, ८१ पीत ७८ प्रमातृसत्तक ५९ पृथिवी ५२, ५९ प्रमातृव्याप्ति ६२ पुंसि ६२ प्रमाण ४५, ४६, ४७ पुर्यष्टक ५८, ७५, ९८ प्रमेय ४५, ७६, ७८, ८० पूर्णत्व ६६ प्रलय ९४ पूर्णता ७० प्रलयकेवली ५० पूर्णाऽहम् ७१ प्रलयाकल ५० पूर्णाऽहन्ता ९३, ९४, ९६ प्रसर ७९, ८८, ८९ पूर्णा ६४, ६५, ७४ प्रसरणक्रम ७३ पूर्णानन्द ९९ प्राण ४७, ५८, ६०, ७२, ७५, ७९, प्रकृत्यादि ४५ ८१, ८२, ९६, ९९ प्रकाश ४५, ५०, ९५ प्राणशक्ति ८३ प्रकाशन ४६ प्राणायाम ८४ प्रकाशैकघन ५१ प्रकाशैकात्म्यात् ४५ ब बृद्धात्मानः ६८ प्रकाशैकात्म्येन ४९ बन्ध ७४, ८४ प्रकाशैक्य ६८ बललाभ ७९, ८० प्रकाशानन्दसार ९३ बहिर्दृष्टि ८६ प्रकाशाभेदेन ५१ बहि ९७ प्रकाशमानतया ५१ बहिर्मुख ९१, ९२ प्रच्छादन ६२ बहिर्मुखता ७७ प्रतिभा ९७ बहिर्मुखीभाव ६७ प्रत्यगात्मा ८६ बहिष्करण ७३, ७४, ९८ प्रत्यभिज्ञा ४३, ८५ बाह्यस्वरूपप्रवेशः ९१ प्रत्यभिज्ञाकारिका ६७ बीजावस्थापन ६९ प्रत्यभिज्ञाटीका ६५ बुद्धि ८२ प्रत्याहार ९५ बुद्धितत्व ६०, ६२ प्रथमानतासार ८१ बुद्धीन्द्रिय ६६ प्रभु ६७ बुद्धौ ६०

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