ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
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Read in contextधन मांगना, मादक, गिरना, धावा बोलना, प्रेरक, स्थान प्राप्ति, हितकारी जल, घोड़े जोड़ना, एतश, सींचने की प्रार्थना, शत्रु, अक्षय धन, अन्न, बल मांगना १-१२ तेजस्वी, गिरना, टपकना, मादक, मसलना, धन मांगना, सींचने का आग्रह, मसलना, प्रेरणा, दीप्तिशाली, प्रशंसनीय धन, शत्रुनाशक, राक्षसों के नाश की प्रार्थना, सोम बनाना, निर्माण, शत्रुओं, राक्षसों का वध करने, श्रेष्ठ बल व धन याचना १३-३० ६४. सोम की स्तुति १-३० कर्म धारण, अभिलाषापूरक, हिनहिनाना, पशु व संतान मांगना, निर्माण, छनना, धन मांगना, धाराओं का बनना, धन याचना, शब्द करना, बढ़ाना, बैठना १-११ देवाभिलाषी, गायों के समीप आने, अन्न, धन देने व इंद्र के स्थान पर जाने की प्रार्थना १२-१५ बनना, जाना, घर-रक्षार्थ प्रार्थना, जलवास, यज्ञ छोड़ना, नरक में डूबना, टपकने की प्रार्थना, मसलना, अर्यमा आदि, सोमपान, पवित्र सोम १६-२५ वाणी देने व द्रोणकलश में जाने की प्रार्थना, मिलना, चलना २६-३० ६५. सोम की स्तुति १-३० दीप्तिशाली, धन देने व वर्षा भेजने की प्रार्थना, बुलाना, शोभन-आयुध, भरना, व्यश्व ऋषि, अवरोधक, वरण, धन देना, धारक, सर्वद्रष्टा, ओजस्वी १-१४ दुहना, प्रशंसित, धन-बल मांगना, जाना, बहना, धन व पुत्र मांगना, शुद्ध होना, मसलना १५-३० ६६. सोम एवं अग्नि की स्तुति १-३० प्रार्थना, राजा बनना, सुशोभित होना, आह्वान, विस्तार, शासन मानना, धन देना, प्रशंसा, निचोड़ना, दौड़ना, मसलने की इच्छा, जाना, आना, मित्रता चाहना १-१४ प्रवेश हेतु प्रार्थना, शत्रुधन जीतना, दानी, वरण करना, जीवनरक्षक, याचना, गाएं मांगना, सूर्य के समान देखना, समीप जाना, तेज की उत्पत्ति, गिरना, व्याप्त करना, टपकना, सुख मांगना १५-३० ६७. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-३२ धाराएं चाहना, यज्ञधारक, शब्द करना, आह्वान, धन मिलना, धन मांगना, इंद्र प्राप्ति, पवित्र होना, प्रेरणा, यात्रा में रक्षा करने व नारियां देने की प्रार्थना, रत्नदाता, ebook converter DEMO Watermarks*