ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
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Read in context१५१. श्रद्धा की स्तुति व वर्णन १-५ जानना, मनचाहा फल, निश्चय, सेवा, बुलाना १-५ १५२. इंद्र की स्तुति १-५ शत्रुशक्षक, अभयकर्त्ता, अप्रिय शत्रु, अंधकार, आयुध १-५ १५३. इंद्र की स्तुति १-५ शोभनधन, अभिलाषा, टिकाना, धारण, अधिकार १-५ १५४. मृत व्यक्ति का वर्णन व यम की स्तुति १-५ घृत, तप करना, दक्षिणा, उत्तम कर्म, सूर्यरक्षक १-५ १५५. दरिद्रता की निंदा १-५ शिरिंबिष्ठ, दरिद्रता, तैरना, सोना, अन्न देना १-५ १५६. अग्नि की स्तुति १-५ धन जीतना, रक्षासाधन, धन मांगना, प्रकाशक, ज्ञाता १-५ १५७. इंद्र एवं अन्य देवों का वर्णन १-५ सुख याचना, प्रजारक्षण, रक्षक, अमरता, वर्षा देखना १-५ १५८. सूर्य की स्तुति १-५ रक्षा व नेत्र याचना, देखना १-५ १५९. शची का आत्मवर्णन १-६ वश में करना, हराना, कीर्ति, शत्रुहीन, तेज, अधिकार १-६ १६०. इंद्र की स्तुति व वर्णन १-५ सोमरस, स्तुतियां, धनदाता, धनी, आह्वान १-५ १६१. इंद्र द्वारा रोगी को सांत्वना १-५ यक्ष्मा निवारणार्थ प्रार्थना, निर्ऋति, पार ले जाना, रोगनाश, शतायु याचना, लौटना १-५ ebook converter DEMO Watermarks*