संतति शास्त्र

संतति शास्त्र
Santati Shastra
by पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव
Source: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (origin)
Devanagarihipublished302 pages
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विषय
पृष्ठ
| १६ मेंद-बुद्धि अर्थात् शरीर में चरबी का बढ़ना | ७८ |
|---|---|
| १७ योनि-रोग | ८१ |
| १८ मूत्ररोग | ६० |
| १९ प्रदररोग | ६४ |
| २० सोमरोग | ६८ |
| २१ मत्तानेके रोग | ६६ |
| २२ स्त्रियोंका उपदंश | १०१ |
| २३ गर्भ न रहनेके कारण | १०३ |
| २४ गर्माधानमें स्त्री और पुरुषकी अवस्था | १२५ |
| २५ गर्माधानका समय | १३३ |
| २६ चिन्ता रजस्वला हुए स्त्री गर्भस्थित हो जाता है | १२५ |
| २७ कन्या और पुत्र पैदा करना मनुष्यके आधीन है | १३५ |
| २८ संयोग-विधि | १४७ |
| २९ गर्भ कैसे रहता है ? | १५१ |
| ३० गर्भ स्थिति होनेका तत्कालिक लक्षण | १५३ |
| ३१ गर्भमें जीव कवतक आता है ? | १५५ |
| ३२ प्रेम द्वारा उत्तम संन्तानकी उत्पत्ति | १५ |
| ३३ वच्चोंपर मातापिताके मनोविलका प्रभाव | १७ / |
| ३४ गर्भकी वायुका संन्तानपर प्रभाव | १७ |
| ३५ गर्भ-समयके हर्ष शोक चिन्ता और इच्छाका संन्तानपर प्रभाव |