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संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

by पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव

Source: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (origin)

Devanagarihipublished302 pages

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सन्तति-शास्त्र ।

श्रवस्था | निर्वल बच्चेको २४ घंटैमै कै वार और कितना दूध पिलाना चाहिये ---|--- दिनमै कै वार | रातमै कै वार | कितना दूध दिन रातमै पहला दिन | २ | वार | १ | वार | ३ | छटांक दूसरा दिन | २ | " | १ | " | ३ | " ३ दिनसे १० दिनतक | ३ | " | २ | " | ५ | " ११ दिनसे २० दिनतक | ५ | " | २ | " | ७ | " २१ दिनसे ३० दिनतक | ५ | " | ३ | " | ८ | " १ माससे ११ मासतक | ६ | " | ३ | " | १० | " ११ माससे २ मासतक | ६ | " | ३ | " | १२ | " तीससे महीनेसे पांचवैँतक | ७ | " | ३ | " | ११ | सेर छठे और सातवैँ मासमै | ७ | " | ३ | " | ११ | " आठवैँ और सातवैँ मासमै | ७ | " | ३ | " | ११ | " दसवैँ और ग्यारहवैँ मासमै | ७ | " | ३ | " | २१ | " बारहवैँ महीनेमै | ७ | " | ३ | " | २१ | " बारहवैँसे १८ मासतक | ७ | " | ३ | " | २१ | "

सबल और निर्वलसे यह मतलब नहीं है कि अत्यन्त सबल और अत्यन्त निर्वल, इससे यह अर्थ लेना चाहिये कि अच्छे शरीरवाला और निर्वल वह कि जो अच्छेसे कुछ निर्वल हो। जो बच्चे अत्यन्त दुर्बल हों उनकी योग्यता के अनुसार व्यवहार करना चाहिये। छ मासके बाद बच्चोंको कुछ थोड़ा थोड़ा अन्न देना चाहिये। इस प्रकार बच्चेका पोषण करना भविष्यके लिये अच्छा है।