सुगम चिकित्सा
Sugam Chikitsa
by आचार्य चतुरसेन शास्त्री
Source: June 1939 First Edition · सस्ता साहित्य मण्डल, दिल्ली (Sasta Sahitya Mandal, Delhi) · 1939 (origin)
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Read in contextतीन बातें
१—इस किताब में सिर्फ़ बही बातें बताई गई हैं जिन्हें जानकर देहात के साधारण पढ़े-लिखे नाई अपने गाँव की अच्छी सेवा कर सकते हैं। इसमें ऐसी कोई दवा नहीं है जो मामूली कसबों में आसानी से न मिल सके—न कोई ऐसी पेचीदा बात ही है जो समझ में न आसके।
२—इस किताब में कोई दवा या युक्ति ऐसी नहीं है जो किसी भी हालत में ( ग़लत इस्तेमाल की जाने पर भी ) किसी किसिम का नुकसान कर सके। सब प्रकार की जोखिम का पूरा खयाल रक्खा गया है।
३—इस किताब की भाषा बहुत सीधी-साधी है और दवाइयों तथा बीमारियों के नाम भी बहुत सरल हैं। सब दवाइयाँ प्रचलित नामों से या तो जंगलों में या बाजारों में मिल जाती हैं। जो बीमारियाँ पेचीली हैं उनकी चर्चा संक्षेप में की गई है।
संजीवन इन्स्टीट्यूट महादरा, दिल्ली ता० २०-५-३९
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श्रीचतुरसेन वैद्य