Back to the archive


योगतारावली (आदि शङ्कराचार्य - अमनस्क दशा, नादानुसन्धान एवं राजयोग रहस्य सटीक)
Yogataraavali of Adi Shankaracharya with Commentary
by आदि शङ्कराचार्य (व्याख्याकार: डॉ. रामशङ्कर भट्टाचार्य)
DevanagariHindipublished52 pages
Page 51Permalink
इस पृष्ठ पर कोई पाठ (text) मुद्रित नहीं है। यह एक रिक्त पृष्ठ (blank page) है, जिस पर केवल उल्टे पृष्ठ (reverse page) का धुंधला और उलटा (mirrored bleed-through / show-through) अक्षरांकन दिखाई दे रहा है (जो पीछे छपी पुस्तक-सूची/मूल्य-सूची का पारभासी प्रभाव है)।
अतः इस पृष्ठ पर लिप्यंतरण योग्य कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है।
Page 52Permalink
हमारे अन्य महत्वपूर्ण प्रकाशन
- सांख्यदर्शन : विज्ञानभिक्षुभाष्य व हिन्दी अनुवाद सहित सम्पादक—रामशंकरभट्टाचार्य, चतुर्थ संस्करण 50.00
- कातन्त्र व्याकरण : सम्पादक—आर० एस० सैनी 150.00
- व्याकरणभूषणम्-सम्पूर्ण-सम्पादक—विद्यानिवासमिश्र 150.00
- हिन्दूधर्म : मानसिंह 60.00
- श्रमण संस्कृति का दार्शनिक विवेचन— जगदीशदत्त दीक्षित 60.00
- ताराभक्ति सुधार्णव : आर्थर एँवालान 200.00
- योगिनी तंत्र : विश्वनारायण शास्त्री 125.00
- ईशानशिवगुरूदेव पद्धति—पं० टी० गणपतिशास्त्री चार भाग में सम्पूर्ण 800.00
- धर्म का उद्भव और विकास—तुलसीराम शर्मा 100.00
- ईशावास्योपनिषद् - शांकरभाष्य तथा विस्तृत हिन्दी अनुवाद सहित—शशि तिवारी 40.00 भारतीय विद्या प्रकाशन
- यू० बी० जवाहर नगर, पो० बा० 1108, कचौड़ी गली बैंगलोरोड़ दिल्ली-7 वाराणसी-1