BharatKosha
युक्तिकल्पतरु (महाराज भोज - नौका-निर्माण, जलयान-विज्ञान, शस्त्र, दुर्ग एवं राजधर्म सटीक)

युक्तिकल्पतरु (महाराज भोज - नौका-निर्माण, जलयान-विज्ञान, शस्त्र, दुर्ग एवं राजधर्म सटीक)

Yuktikalpataru of Maharaja Bhoja with Commentary

by महाराज भोज (सम्पादक: पण्डित ईश्वरचन्द्र शास्त्री)

DevanagariHindipublished278 pages

Page 2 of 278

Read in context
Page 2

ओ३म् पुस्तक संख्या ३१०/१२ पञ्जिका-संख्या ४३२७९ पुस्तक पर सर्व प्रकार की निशानियां लगाना वर्जित है। कोई सज्जन पन्द्रह दिन से अधिक देर तक पुस्तक अपने पास नहीं रख सकते। अधिक देर तक रखने के लिये पुनः आज्ञा प्राप्त करनी चाहिये। RA 310 ACC.No. 43279 भोज - य