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ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation

by महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय

Source: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (origin)

DevanagariSanskritpublished592 pages

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प्राक्कथन ] ११ का शब्द 'Body Politic' जीवित शरीर की उपमा से समन्वित है। इसी प्रकार Organisation जो सभा के अर्थों में आता है शरीर के अवयवों या गोलकों ( Organs ) से सम्बन्ध रखता है। Corporation, in corporate आदि अनेकों शब्द लैटिन के Corpus ( शरीर ) से सम्बन्ध रखते हैं। परन्तु वहाँ काटने का अर्थ न है, न उसकी ओर दूरस्थ संकेत ही है। हमारा विचार था कि ऐतरेय ब्राह्मण और शतपथ ब्राह्मण की गाथाओं की सुसङ्गत व्याख्या की जाय और इनको प्रक्षिप्त स्थलों से मुक्त करके शुद्ध कर दिया जाय। परन्तु यह काम बहुत छानबीन और बहुत समय चाहता है। जल बहुत गदला हो तो उसको साधारण छन्ने से छान नहीं सकते। उसके लिये बाष्पीकरण (Evaporation) चाहिये। विषाक्त अन्न का विष दूर करना कठिन है। हमें खेद है कि हम इस कठिन कार्य का सम्पा- दन नहीं कर सके। हममें योग्यता और समय दोनों की ही कमी है। अतः हमने शाब्दिक अनुवाद पर ही सन्तोष किया है। कुछ मित्रों का आग्रह था कि या तो हम ब्राह्मण ग्रन्थों को मनुस्मृति के समान सर्वथा शोध कर और क्षेपकों को निकाल कर छापें या हर कठिन स्थल की पूरी विवेचना और व्याख्या करें या न छापें। पहली दो बातें इस समय असम्भव सी प्रतीत हुईं। मनु में जो क्षेपक हैं वह समस्त शास्त्र में विषाक्त अन्न के समान ओत प्रोत नहीं है अपितु दूध में मक्खी के समान हैं जो जल्दी से निकाल कर फेंकी जा सकती है। ब्राह्मण ग्रन्थों में क्षेपक भी हैं और रहस्यमय गाथायें भी हैं और कुछ विशिष्ट परिभाषायें भी हैं। यह तीनों चीजें इस प्रकार मिली जुली हैं कि इनको छान कर शुद्ध करना अत्यन्त कठिन है। एक दो स्थलों को लेकर विभिन्न विद्वान विभिन्न पक्षों को सिद्ध कर के अपने पाण्डित्य का परिचय दे सकते हैं और उलझनें ज्यों की