ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
by महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय
Source: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (origin)
DevanagariSanskritpublished592 pages
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पाँचवाँ अध्याय ] ४२७ इसलिये प्रति दिन उपस्थित होवे। अगर उपस्थित न हो सके तो कहे :— अभयं वो अभयं मे । “आप के लिये अभय हो। मेरे लिये अभय हो।” इस प्रकार उसके लिये भय नहीं रहता। (११) ऐतरेय ब्राह्मण की सातवीं पञ्चिका का दूसरा अध्याय समाप्त हुआ।