BharatKosha
ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation

by महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय

Source: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (origin)

DevanagariSanskritpublished592 pages

Page 491 of 592

Read in context
Page 491

तीसरा अध्याय ] ४७७ इन्द्र ने इस महाभिषेक से सबको जीत लिया और सब लोकों पर स्वतन्त्र कर लिया। ओर सब देवताओं में श्रेष्ठ और प्रतिष्ठित हो गया। साम्राज्य, भौज्य, स्वाराज्य, वैराज्य, पारमेष्ठ्यराज्य, महाराज्य, आधिपत्य को प्राप्त करके इस लोक में स्वयम्भू, स्वराट्, अमृत और उस लोक में सब कामनाओं का पूर्ण करने वाला हो गया। (:) ऐतरेय ब्राह्मण की आठवीं पञ्चिका का तीसरा अध्याय समाप्त हुआ।