हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)
by नारायण पण्डित
Source: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (origin)
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Read in context८ पृष्ठ श्लोक मनस्वीकी प्रशंसा ५५,५६ १३२ से १३५ तक. निर्धनताकी निन्दा ५६,५७,११८ मि. १३६ से १३८, सु. ९३ याचनाकी निन्दा ५७ १३९ पुरुषविडंबना ५८ १४० पुरुषके जीवनमें मरण } और मरणमें विश्राम } ५८ १४१ लोभकी निन्दा ५८ १४२ असंतोषकी निन्दा ५८ १४३ संतोषकी प्रशंसा ५८,५९ १४४,१४५,१४८ निराशाकी प्रशंसा ५९ १४६ मनुष्यके जीवनकी प्रशंसा ५९ १४७ धर्म, सुख, स्नेह आदिका निर्णय ५९ १४९ चतुरताकी प्रशंसा ६० १५० मनुष्यके लिये मुख्य त्याग ६० १५१ पराधीनताकी निन्दा ६० १५२ धनहीन जीवनकी निन्दा ६० १५३ संसाररूपी वृक्षके दो फल ६१ १५४ धर्मकी प्रशंसा ६१ १५५ दानकी प्रशंसा ६१,८६,८७ मि. १५६ सु. ८,१०,११,१२ कृपणकी निन्दा ६१,६२ १५७ से १६२ तक. संसारमें दुर्लभ वस्तु ६३ १६३ मृत्युके निमित्तकारण ६३ १६५ धनवान्के धनका निर्णय ६४,६५ १६८,१६९ उद्योगी पुरुषकी प्रशंसा ६५-६७ १७१ से १७६ तक. स्थानभ्रष्ट होनेकी निन्दा ६६ १७३ सुखदुःखका भोग ६७ १७७ लक्ष्मीका निवास ६७ १७८ वीरपुरुषकी प्रशंसा ६७ १७९