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इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

by बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta)

Source: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (origin)

Devanagarihipublished250 pages

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॥ओ३म्॥

अथ सन्तानानुशासनम्

कन्दना

अन ओजिष्ठमा भर च्यु म्मस्मम्यमङ्गिगो। प्र नो राये पनीयसे रत्निस वाजाय पन्थाम्॥

सामवेद १/९/१

सत्य धन की. और ले जाने वाले हे अग्ने! हमें तेजस्वी ज्ञानधन पहुँचा, प्रशंसनीय ऐश्वर्य और उन्नति की ओर गति के लिए मार्ग तैयार (प्रदर्शित) करना ही तुम्हारा कार्य है।

त्वं नश्चित्र ऊर्या वसो राधासि चोदय।

अस्य रायस्त्वमग्ने रथीरसि विद्या गार्ध तुवे तु नः॥

सामवेद १/४/७

हे विलक्षण! रक्षण शक्ति से बसाने वाले। आनन्द साधनों को हमारी ओर भेज। हे शक्ति सम्पन्न! इस समृद्धि का तू अधिष्ठाता एवं वाहक है, हमारी सन्तान के लिए भी कुछ आधार प्राप्त कराओ।

अद्या नो देव सवितः प्रजावत्सावीः सौभागम्।

परा दुष्चण्यं सुव॥

सामवेद २/३/७

हे प्रकृशमान प्रेरक! आप हमारे नाना सन्तान वितान युक्त सौभाग्य को उत्पन्न कर और दुष्ट संकल्प की कारणीभूता तन्त्रा को दूर कर।

इच्छानुसार सन्तान

१९

वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri