कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
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Read in contextعَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ مَالِكِ بْنِ الْقَوَادِ مَا رَأَى وَلَقَدْ رَأَى نَزَلَ الْخَزَنَةُ قَالَ رَأَى بِنْدَلَةَ مَرْيَمَ
अर्थात् इब्न अब्बासका यह कथन है नहीं मिथ्या कहा हृदयमें जो उसने देखा उसको ।
एक स्थानपर और उल्लेख किया गया है कि, देखा उसको साथ हृदय अपनेके दो बेर । इसके उपरान्त मोआलममें यह लिखा है --
وَدَهْتَ جَمَاعَةً عَلَى أَنَّهُ رَأَى بَعْنِيَّةَ وَهُوَ قَوْلُ الْحَسَنِ وَأَبْنِي وَأَعْلَمُهُ قَالُوا أَرَأَى
مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ عُلْوَى عُلْوَمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ اللَّهُ أَضْطَنَى أَبْرَاهِيمَ بِالْحُكْمِ
وَأَضْطَنَى مُوسَى بِالْكَلَامِ وَأَضْطَنَى مُحَمَّدٌ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالرَّيْسَةِ
अर्थात् एक मण्डलीवाले यह मानते हैं कि, देखा उसको अपनी दृष्टिसे अर्थात् मुहम्मद साहबने परमेश्वरको स्वच्छुसे प्रत्यक्ष किया और यह कथन है हसन उन्स और अकरमका । उन्होंने कहा है कि, देखा मुहम्मदने अपने परमेश्वरको । अकरमाने इब्न अब्बाससे वर्णन किया कि, चुन लिया अल्लाहने इबराहीमको मंत्रीसे, और चुन लिया मूसाको कलामसे तथा चुन लिया मुहम्मदको दर्शन देनेसे । पूर्वोक्त तफसीर मोआलमसे कई बातें जानी जाती हैं । प्रथम तो यह है कि, इब्न अब्बासका कथन ठीक है कि, मुहम्मद साहबने बुद्धिबल तथा ज्ञान चक्षु द्वारा परमेश्वरको निरखा था और जिबराईलको नहीं । कारण, यह कि, सूरए नजमसे प्रगट होता है कि, जिस प्रतापशाली पुरुषको मुहम्मद साहबने देखा उस पुरुषकी ऐसी बड़ाई और इतनी श्रेष्ठता वर्णन किया कि, वह उत्पत्तिवान् नहीं जान पड़ता था वरन उत्पन्न कर्ता । उनके मेआराजकी कहानी द्वारा प्रकट होता है कि, जिबराईल एक साधारण भूत्य अथवा चोबदारके समान आकाशोंपर गया था, जहां मुहम्मद साहब ठहरते थे वहां जिबराईल बुराकको बांधता था और जब बुराक सुस्ती करता तो वह उसको हांकता था । जब मुहम्मद साहब आकाशके पार पहुँचे तब अकेले मोहम्मदके जानेकी आज्ञा मिली, कारण यह कि, जिबराईल में ज्ञानका उतना प्रताप नहीं था जिससे वह आगे बुलाया जाता । तात्पर्य यह है कि, सूरए नजममें जिस प्रतापशाली मनुष्यको मुहम्मद साहबके देखनेका विवरण किया गया है, वह कदापि जिबराईल नहीं था, वरन् स्वयम् परमेश्वरही था ।