कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
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Read in contextकि, विश्वास लावे। परन्तु अल्लाहकी आज्ञासे वह उनपर अष्टता, डालता है है जो नहीं समझते।
(१५) सिपारह (१८) सूरत कहफ़ (९) रकूअ (५९) (८१) आयतपर्यन्त ख्वाजः खिज्र और मूसाका बूत्तान्त लिखा है।
(१७) सिपारह (२२) सूरते हज्र (५) रकूअ (३६) हमने हर फिरके कुरबानी ठहराई है कि, अल्लाका नाम याद करें चौपाईयोंके हलाल होनेपर जो उनको देवो अल्ला तुम्हारा एक अल्ला है। उसीकी आज्ञापर रहो हर्ष सुना नम्रता करनेवालोंको (३९) अल्लाको नहीं पहुँचता न उनका मांस न रक्त' परन्तु उसको तरे हृदयका क्षोभ पहुँचता है।
(१९) सिपारह सूरत (नमल) चिउटीने सुलेमान बादशाहके साथ वार्तालाप किया था। हुद हुद पक्षी सुलेमानका पत्र अथवा समाचारबाहक था।
(२१) सिपारह सूरत (अख़राब) (९) रकूअ (७२) आयत हमने सौंपी हुई बस्तु पृथ्वी और आकाशको पर्वतोंको दिखाई। किसीने उसको स्वीकार नहीं किया कि, उसको उठावे तथा उससे भयभीत हों मनुष्यने उसको उठा लिया, यह बड़ा निर्दय मूर्ख है।
(२३) सिपारह (३७) सूरत (साफ़ात) (२) रकूअ (३९) परन्तु जो परमेश्वरके चुने हुए सेवक हैं। (४१) उनकी प्रतिष्ठा है, पदार्थोंकी वाटिकाओंके (४३) तख्तोंपर एक दूसरेके समक्ष (४४) लोग लिए फिरते हैं। उनके पास नतरेकी मदिराका प्याला (४५) श्वेत रङ्गका आनन्द पहुँचाता है। पानेवालोंका (४६) उससे न शिर फिरता है और न बहकते हैं। (४७) नीची दृष्टिवालियाँ स्त्रियाँ उनके समीप हैं बड़े नेत्रोंवालियाँ ऐसी मानों वे छिपे धर अण्डे हैं। (६०) भला यह अच्छी मेहमानी अथवा वृक्ष सेहुँडका।
(२६) सिफारह (५०) सूरत क़ाफ़ (१) रकूअ (अक) प्रकार है उस कुरान बड़ क्षोभवालेकी (२) रकूअ (१५) और हमने बनाया मनुष्यको हम जानते हैं कि, जो बातें आती हैं उसके मनमें और हम उसकी धड़कती नसक विशेष समीप हैं।
अल्लाका नाम मुहम्मदके पहलेसे हैं तो मुहम्मद भी मुहम्मदके पहलेसे है। अल्लाह और रसूल अल्लाह पूर्वकालसे ऐसेही चले आते हैं यद्यपि उनकी
१—इस आयतके भावको एक चित्रमें गीके खुरोंके नीचे लिख दिया या—'न पहुँचेगी उनके रक्त मांसकी कुर्बानी अल्लाहको किन्तु पहुँचेगी सिर्फ परहेंजगारी तुमसे, इस पर लोग बिगड़ खड़े हुए। नवाब हैदराबादने उसे जप्त कर लिया। इससे तो यही प्रतीत होता है, कि सच्चे मुसलमानों में जीवहत्या भी नहीं होती थी।