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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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और माया इसकी स्त्री सतरूपा हुई जो मन है उसीको अंग्रेजी भाषामें मैन (Man) कहा हैं। जिसको मनुष्य कहते हैं सोही मन या मैन है। जबतक यह अकेला था तबतक कुछ कर न सकता था। फिर जब दूसरा स्वरूप उसके साथ हुआ तब उसका नाम स्त्री अथवा अंग्रेजी भाषामें वोमैन (Woe-man) अथवा (Woman) हुआ। इस (Man) के शब्दमें (Woe) बढ़ाया तब वोमैन हुआ। वो के अर्थ कष्ट तथा आपत्तिके हैं। जब मैनके (Man) साथ (Woe) वो मिला तब कष्ट तथा दुःखसे भर गया जब मैनके (Man) साथ वो (Woeman) मैन हो गई तब एकसे अनेक हो गया। तब संसारके जाल जञ्जालमें फँसकर बँधुआ हो गया। वही नागिनी कष्ट तथा आपत्तिका घर हुई। फारसीमें इसका नाम जन हुआ। जनका अर्थ मार—वह समस्त संसारको मारने और खाने लगी। संस्कृतमें इस औरतको अस्त्री कहते हैं। अ शब्दको विलोपित करनेसे स्त्री हुआ। यथार्थमें यह शब्द अस्त्री है। स्त्री नहीं।

अस्त्र और शस्त्र ये दो प्रकारके हथियार हैं। बन्दूक कमान इत्यादि अस्त्र कहलाते हैं क्योंकि इनमें एकमेंसे दूसरा निकलकर घाव करता है। बन्दूक नहीं मारती पर गोली मारती है। कमान नहीं मारती पर तीर मारता है। इस प्रकारके समस्त हथियार अस्त्र कहलाते हैं। तलवार, कटार, छुरा आदि शस्त्र हैं जो कोई अस्त्र बाँधता है उसे अस्त्री कहते हैं और जो शस्त्र बाँधता है उसको शस्त्री कहते हैं। अतः इस स्त्रीने अस्त्रको बाँधकर समस्त संसारको मार डाला। उसके ये पाँच अस्त्र हैं—मोहन, मारन, वशीकरण, उन्मादन, उच्चाटन, मोहन, वशीकरना-मारन, मार डालना। वशीकरण—गुलाम बना लेना। उन्मादन—पागलोंके समान बकना झकना। उच्चाटन—कुछ अच्छा न लगना। इस स्त्रीके ये पाँचों तो हथियार हैं। बेटी बेटे जितने उत्पन्न होते हैं सबके सब मोहमें फँसाकर मार लेते हैं। समस्त जन्म फँसाकर यह मार लेती है। इसी मन तथा मायाका समस्त खेल फँल रहा है। मन आकाश और निरञ्जन है। माया शक्ति और पृथिवी है। इसीसे सबकी उत्पत्ति है। इसी ब्रह्म तथा मायाकी रचनासे समस्त संसार है। इन दोनों विषयोंकी सन्तान तो सभी हैं और इन्हींका विष सबमें समा रहा है। विशेषतः यह स्त्री जो मोहिनीरूप है। इसने सबका मन मोह लिया है। जो इस मोहिनीसे बच जावेगा वह बड़ा बलिष्ठ तथा भाग्यवान है। जो स्त्रीको छातीसे लगावे वह भली भाँति याद रखे कि, उसने विषेली काली नागिनको हृदयसे लगाया है। जब यह नागिन हृदयसे