कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
Page 763 of 1367
Read in contextनबियों और उनके खुदापर एक दृष्टि
१२---इन नबियोंको तो क्या लद्दुझी विद्या होनी थी वरन् उनके खुदा-केभी लद्दुझी (सार्वज्ञय) विद्यामें सन्देह जान पड़ता है । क्योंकि खुदाने मूसाको आज्ञा दी मूसाने बनी इसराईलसे कहा । देखो तौरीतमें खुरुजका (१२) बाब (२१ से २३) आयत पर्यन्त लिखा है कि, मूसाने सब बनी इसराईलके प्रतिष्ठितोंको बुलाया, उनसे कहा कि, तुम अपने प्रत्येक घरोंसे एक बर्ग बकरा निकाल लाओ और उसे हलाल करो, जूफीअनाजकी एक एक मूछी लाओ और उस रक्तमें जो वासनमें है, गोता देकर ऊपरके चौखट और दोनों बाजू द्वारके उससे छापो । तुममेंसे कोई प्रातः कालतक द्वारके बाहर न जावे । क्योंकि, इधर खुदा जावेगा । जिसमें मिश्रियोंको मारेगा । जब वह चौखट तथा दोनों बाजू देखेगा खुदा द्वार परसे जावेगा मारनेवालेको न छोड़ेगा ऐसा न कि, तुम्हारे घरोंमें आकर तुम्हें मारें ।
फिर देखो उसी बाबके (१४ से १२) आयत पर्यन्त लिखा है कि, खुदा आज्ञा करता है कि आजकी रात में मिश्रदेशमें होकर जाऊंगा मनुष्य तथा पशुके जितने पहलौठे मिश्र देशमें हैं सबको मारूंगा । मिश्रके सब देवताओंको दण्ड दूंगा । साबित करूंगा कि मैं खुदा हूँ ।
उस रक्तका तुम्हारे घरों पर जहाँ जहाँ चिन्ह होगा मैं वह रक्त देखकर तुमको छोड़ दूंगा । जब मैं मिश्र देशस्थ मनुष्योंको मारूंगा तो तुम्हारे मारनेको तुम पर मरी न आवेगी ।
फिर देखो तौरीतमें उत्पत्तिका (६) बाब (५ से ८) आयत तक लिखा है कि, पृथिवी पर मनुष्योंका पाप बढ़ गया खुदाने देखा कि, मनुष्योंके विचार दिन दिन भ्रष्ट हो जाते हैं खुदा मनुष्यको पृथिवी पर भेज कर पछताया बड़ा ही दुःखी हुआ । खुदाने कहा मनुष्यको जैसे मैंने उत्पन्न किया है वैसेही मनुष्यको, पशुको कीड़े मकोड़े तथा आकाशके पक्षियों तकको पृथिवी परसे मिटा डालूंगा । क्योंकि मैं उनको बनाकर पछताता हूँ ।
मुसलमानोंकी हदीसोंमें जो लिखा है उसे मैं कबीर भानुप्रकाशमें लिख आया हूँ कि, जिस समय खुदाने आदमका पुतला बनाना चाहा कहा कि, मैं एक खलीफा बनाऊंगा मिट्टीसे आदमकी मूर्ति बनानेकी आज्ञा दी । उस समय फरिश्तोंने मना किया कि, ऐ खुदा ? तू मनुष्योंको न बना, वे उत्पन्न होकर पाप करेंगे । तू मनुष्यको कदापि न बना परंतु खुदा साहबने एकका विचार नहीं किया । अपने खुदाई धमपडमें उनको झिड़क दिया । तब फरिश्ते चुप रहे, अन्तमें