कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 764, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंखुदाने जिबराईलको आज्ञा दी कि, तू पृथिवीसे मिट्टी ले आ । मैं मनुष्यका पुतला बनाऊंगा जिबराईल खुदाकी आज्ञानुसार पृथिवी पर आ मिट्टी लेने लगा । पृथिवी फूट फूटकर रोई पुकारकर कहा कि, ऐ जिबराईल ! तू मिट्टी न ले क्योंकि, खुदा इस मिट्टीसे आदमका पुतला बनावेगा । मनुष्य उत्पन्न होकर मुझपर पाप करेंगे । इन पापियोंके कारण मुझको बहुतही कष्ट होगा । पृथ्वीके गिड़गिड़ानेपर हजरत जिबराईलको दया आगयी वे पलट गये मिट्टीकी मुठी नहीं ली । इसके पीछे खुदाने मेकाईलको मिट्टी लाने भेजा, मेकाईलसे भी पृथ्वी बहुत गिड़गिड़ाई । तब उसके मनमें भी दया आ गई वह भी बिना मिट्टी लिये ही पलट गया । फिर अन्तमें इजराईलको भेजा । इजराईल पृथ्वी-पर आकर मिट्टी लेने लगा तो पृथ्वी रोई । मिट्टी न लेनेके लिये गिड़गिड़ाई । इजराईलने कहा कि, मैं मिट्टी लेकर तेरी दोहाई तिहाई सुनूंगा । अन्तको इजराईलने बलपूर्वक मिट्टी ली, पृथिवी रोती चिल्लाती रह गयी । कुछ न ध्यान दिया । वह मिट्टी लाकर खुदाके सामने रखी । इजराईलसे कहा कि, ऐ इजराईल ! तेरे मनमें बहुत थोड़ी दया है । तू पाषाण हृदय है क्योंकि तूने पृथिवीकी पुकार नहीं सुनी । जब पृथिवीपर मनुष्य उत्पन्न होंगे तब उनकी आत्मा निकालनेके लिये तू पृथ्वीपर जाया करेगा । अतः यह इजराईल फिरिश्ता मनुष्यके उत्पन्न होने तथा मरनेका कारण हुआ । खुदाने उस मिट्टीको गूँधकर मनुष्यका पुतला बनाया । मनुष्य पृथिवीपर बहुतायतसे होकर पाप करने लगे । उनके पापोंसे खुदा बड़ाही रुष्ट हुआ । अपने कियेपर पछताया । बाढ़ लाकर उनको नष्ट करना पड़ा । जैसा खुदा साहबने स्वेच्छा पूर्वक कार्य किया । फिरिश्तों तथा पृथिवीका कहना न माना और रोना चिल्लाना नहीं सुना वैसेही अपने कियेका फल भी पाया ।
अब यहाँ पर विचारना चाहिये कि, कोई नबीतो खुदासे बातें करता था कोई स्वप्नमें वार्तालाप किया करता था । भौति भौतिके स्वरूपमें खुदा उनको दिखाई देता था । यहाँतक कि, स्त्रियों और लड़के लड़कियों पैगम्बरी किया करते । जब चाहते तब खुदासे वार्तालाप कर लेते थे । जो चाहते सो पूछ लेते, सुतरां इसहाककी स्त्री रबकाको जब गर्भ हुआ जब उसके पेटमें दो पुत्र आपसमें झगड़ते थे तब वह खुदासे पूछने गयी कि, ऐसा क्यों है ? तब खुदाने कहा कि, तेरे पेटमें जो दो पुत्र हैं उनमेंसे बड़ेकी अपेक्षा छोटा बड़ाई तथा श्रेष्ठता पावेगा ।
स्त्रियों तथा पुरुषोंसे खुदा इस प्रकार वार्तालाप किया करता था । परन्तु