माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)
Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation
by माधवकर
Source: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
DevanagariSanskritpublished404 pages
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भाषाटीकासमेत । (७) शीतल जलको उपशय न समझना चाहिये परंतु दाहयुक्त प्यासमें शीतलजल उपशय मानाजायगा क्योंकि सुखकारक है ॥ आगे अब क्रमसे उदाहरण लिखते हैं-
| नाम | औषधि | अन्न | विहार |
|---|---|---|---|
| हेतुविपरीत | शीतज्वरमें गरम औषधि सोंठ | श्रम और बादीस प्रगट रोगपर मांसके रस और भात. | दिनके सोनेसे प्रगट कफरोगपर विपरीत आचरण रातमें जागना. |
| व्याधिविपरीत | अतिसारमें दस्त बन्द करनेवाली औषधि पाठा, आदि | दस्तोंमें दस्तके बन्द कारक पथ्य मसूर. | उदावर्तरोगमें शब्दपूर्वक अधोवायुका निकसना, मन्त्र आषधि धारण, देव गुरूकी सेवा करनी. |
| हेतुव्याधिविपरीत | वातकी सूजनमें दशमूलका काढा वात और सूजन दोनोंको दूर करनेवाला है. | कफकी संग्रहणीमें छाछका पीना वातनाशक कफनाशक और संग्रहणी नाशक है. | स्निग्ध जो दिनके सोनेसे उत्पन्न तन्द्रा तिसमें रूक्ष तन्द्रासे विपरीत स्निग्धतानाशक रात्रिमें जागना. |
| हेतुविपर्यस्तार्थकारी | जैसे पित्त प्रधान व्रण सूजनमें पित्तकारक उष्ण पिण्डाकी बांधना. | पित्तकी सूजनमें दाहकारक अन्नका भोजन करना. | जैसे वातसे पैदा उन्मादमें वासका देना. |
| व्याधिविपर्यस्तार्थकारी | जैसे कफरोगमें वमन कारक मैनफल आदि. | अतिसार रोगमें दस्तकारक दुग्ध देना. | छर्दिरोगमें हाथका अगूठा गलेमें करवा कमलनाल आदिसे उलटीका लाना. |
| हेतुव्याधिविपर्यस्तार्थकारी | जैसे अग्नि जलेपर गरम अगर लेप आदि अथवा विष पर विष. | जैसे मद्यपानके करनेसे प्रगट मदात्ययरोगमें मदकारक फिर मद्य पीना. | दंड कसरतसे प्रगट वातमें जलका तैरनारूप व्यायामका करना. |
हेतुविपरीत औषध-जैसे शीतकफज्वरमें सोंठ, तो इसमें प्रथम समझना चाहिये कि, यहां हेतु कौन है कि, सर्दी उसका शीतल धर्म है तो अब शीत कफ यह कब शान्त होय कि, जब सर्दी और कफसे विपरीत औषध मिले ऐसी औषध कौन कि, शुंठी यह सर्दीको और कफ दोनोंको शान्त करती है तो शीतकफज्वरमें हेतुविपरीत