Skip to content
BharatKosha
महाभारत (खंड २) - वन पर्व

महाभारत (खंड २) - वन पर्व

Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva

by महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास

DevanagariSanskritpublished2,580 pages

Page 1100 of 2580

Read in context
Page 1100

धर्मज्ञ धर्मपुत्र युधिष्ठिर, नकुल और सहदेव—ये महारथी महामना पाण्डव भगवान् कुबेरको प्रणाम करके अपनेको अपराधी-सा मानते हुए उन्हें सब ओरसे घेरकर हाथ जोड़े खड़े रहे ॥ ३५-३६ ॥

स ह्वासनवरं श्रीमत् पुष्पकं विश्वकर्मणा ।
विहितं चित्रपर्यन्तमातिष्ठत धनाधिपः ॥ ३७ ॥
धनाध्यक्ष कुबेर विश्वकर्माके बनाये हुए सुन्दर एवं श्रेष्ठ विमान पुष्पकपर विराजमान थे। वह विमान विचित्र निर्माणकौशलकी पराकाष्ठा था ॥ ३७ ॥

तमासीनं महाकायाः शङ्कुकर्णा महाजवाः ।
उपोपविविशुर्यक्षा राक्षसाश्च सहस्रशः ॥ ३८ ॥
शतशश्चापि गन्धर्वास्तथैवाप्सरसां गणाः ।
परिवार्योपतिष्ठन्त यथा देवाः शतक्रतुम् ॥ ३९ ॥
विमानपर बैठे हुए कुबेरके पास कील-जैसी कानवाले तीव्र वेगशाली विशालकाय सहस्रों यक्ष-राक्षस भी बैठे थे। जैसे देवता इन्द्रको घेरकर खड़े होते हैं, उसी प्रकार सैकड़ों गन्धर्व और अप्सराओंके गण कुबेरको सब ओरसे घेरकर खड़े थे ॥ ३८-३९ ॥

काञ्चनीं शिरसा बिभ्रद् भीमसेनः स्रजं शुभाम् ।
पाशखड्गधनुष्पाणिरुदैक्षत धनाधिपम् ॥ ४० ॥
अपने मस्तकपर सुवर्णकी सुन्दर माला धारण किये और हाथोंमें खड्ग, पाश तथा धनुष लिये भीमसेन धनाध्यक्ष कुबेरकी ओर देख रहे थे ॥ ४० ॥

भीमसेनस्य न ग्लानिर्विक्षतस्यापि राक्षसैः ।
आसीत् तस्यामवस्थायां कुबेरमपि पश्यतः ॥ ४१ ॥
भीमसेनको राक्षसोंने बहुत घायल कर दिया था। उस अवस्थामें भी कुबेरको देखकर उनके मनमें तनिक भी ग्लानि नहीं होती थी ॥ ४१ ॥

आददानं शितान् बाणान् योद्धुकाममवस्थितम् ।
दृष्ट्वा भीमं धर्मसुतमब्रवीन्नरवाहनः ॥ ४२ ॥
भीमसेन हाथोंमें तीखे बाण लिये उस समय भी युद्धके लिये तैयार खड़े थे। यह देख नरवाहन कुबेरने धर्मपुत्र युधिष्ठिरसे कहा— ॥ ४२ ॥

विदुस्त्वां सर्वभूतानि पार्थ भूतहिते रतम् ।
निर्भयश्चापि शैलाग्रे वस त्वं भ्रातृभिः सह ॥ ४३ ॥
‘कुन्तीनन्दन! तुम सदा सब प्राणियोंके हितमें तत्पर रहते हो, यह बात सब प्राणी जानते हैं। अतः तुम अपने भाइयोंके साथ इस शैल-शिखरपर निर्भय होकर रहो ॥ ४३ ॥

न च मन्युस्त्वया कार्यों भीमसेनस्य पाण्डव ।
कालेनैते हताः पूर्वं निमित्तमनुजस्तव ॥ ४४ ॥

महाभारत (खंड २) - वन पर्व · Page 1100 of 2580 · BharatKosha