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मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)

मुद्राराक्षसम् (विशाखदत्त - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी अनुवाद)

Mudrarakshasam of Vishakhadatta Hindi

by विशाखदत्त (अनुवादक: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र)

Source: Mudrarakshas Drama translated into Hindi by Bharatendu Harishchandra (1925) (origin)

DevanagariHindipublished173 pages

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उपसंहार ( उत्तर ) क । १५३

कलिगड़ा—लहौ सुख सब बिधि भारतवासी । विद्या कला जगत की सीखौ तजि आलस की फासी ॥ अपनो देस धरम कुल समुझहु छोड़ि वृत्ति निज दासी । उद्यम करिकै होहु एक मति निज बल बुद्धि प्रकासी ॥ पचपीर की अगति छाड़ि कै ह्वै हरिचरन उपासी । जग के और नरन सम येऊ ५ होउ सबै गुनरासी ।