निराले सद्गुरु
Nirale Satguru
by साहिब बन्दगी
Source: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (origin)
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विषय सूची पृष्ठ संख्या
☞ अभियान चलाया 56
☞ आपका ज्ञान देख वैज्ञानिक भी दंग रह गये 57
☞ वाणी पर पूरा कण्ट्रोल रहता है आपका 58
☞ आप दीन दुखियों के हैं 58
☞ इसलिए जगह-जगह आश्रम बनवाते हैं आप 60
☞ सिद्धांत के इतने पके हैं आप 61
☞ इंस्पेक्टर बोला-दो साल नौकरी आपने की है 61
☞ वापिस आना ही पड़ता है 61
☞ केवल श्रद्धा देखते हैं आप 62
☞ आपकी तान निराली है 62
☞ आपका भोजन भी सबसे निराला है 64
☞ बड़ा अन्याय किया जाता है आपके साथ 64
☞ भोजन बड़ा स्वादिष्ट बनाते हैं आप 66
☞ सिर पर बैठकर जो चाहते हैं करवा लेते हैं 67
☞ वो बोली-मुझे करंट पड़ रही है 68
☞ लड़की बोली-मेरे साथ साहिब हैं 69
☞ एक गुरु शिष्य का नाता ही मानते हैं आप 69
☞ ऐसी चीज़ों से आप निपट लेते हैं 69
☞ शब्द है आपका वाहन 70
☞ परमहंस की तरह रहते हैं आप 71
☞ निंदकों से भी प्रेम करते हैं आप 72
☞ शब्द नहीं देते हैं आप 73
☞ माँ की तरह है आपका व्यवहार 76
☞ संगत का एक पैसा भी नहीं लेते हैं आप 78