निराले सद्गुरु
Nirale Satguru
by साहिब बन्दगी
Source: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (origin)
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करने वाला है। आपका नाम पाकर हरेक नामी के हृदय से बस यही शब्द निकलते होंगे। चाहे वो वाणी में प्रकट न कर पाए, पर अंदर-ही-अंदर वो ज़रूर गुणगुनाता है-
बड़ा ही अद्भुत नाम तुम्हारा,
साहिब सच सच कहते हैं।
मैं न कहता आप न कहते,
साहिब सब यह कहते हैं॥
जब से साहिब नाम मिला है,
इच्छा कोई रही न बाकी,
चिंता सारी भाग चुकी है,
नाम सुधा पीकर हम साहिब,
खोए खोए रहते हैं।
मैं न कहता आप न कहते,
साहिब सब यह कहते हैं॥
जो जन आते शरण आपकी,
काल से मुक्ति वे जन पाते,
वे फिर आपमें और आप उनमें,
सदा सदा फिर रहते हैं॥
मैं न कहता आप न कहते,
साहिब सब यह कहते हैं॥
अभियान चलाया
जब आप मात्र 20 साल के थे तो आपने सोचा कि देश-विदेश के महात्माओं के पास जाता हूँ, देखता हूँ कि कौन कहाँ तक पहुँचा हुआ है। आप बड़े-बड़े महात्माओं से मिले, जिनकी लाखों की संगत थी। पर