निराले सद्गुरु
Nirale Satguru
by साहिब बन्दगी
Source: Sahib Bandgi Sant Ashram Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Distt. Samba (J & K) (origin)
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बिल्ली बोली-मेरे बच्चे कहाँ हैं
सब जीव आपसे बातें करते रहते हैं। आप सब जीवों का कष्ट समझते हैं। सब आपको अपने-अपने कष्ट सुनाते हैं। एक समय राँजड़ी आश्रम में एक बिल्ली ने कुछ बच्चे दिये। वे बड़ी शरारत करते थे। कभी वे खाना बनाने वाली जगह पहुँच जाते थे, कभी कहीं। आपने विचार किया कि यह तो ठीक नहीं हो रहा है। संगत को इनका झूठा भोजन खिलाने वाली बात है। यह विचारकर आपने उन्हें राँजड़ी से बड़ी दूर बाड़ी ब्राह्मणा में पहुँचा दिया।
रात को बिल्ली आपके कमरे में आई। ऐसे वो कभी आपके कुल्ले में नहीं आई थी। पर उस रात वो आपके कुल्ले में आई। जैसे आदमी घुटनों के बल बैठकर बात करते हैं, ऐसे ही वो बैठ गयी और आपसे प्रश्न करने लगी। वो कहने लगी कि मेरे बच्चे कहाँ हैं? तुमने उन्हें कहाँ भेज दिया है? वो आपसे बड़ी करुणामयी वाणी में अपना दर्द कहने लगी।
यह बातें कोई कहानियाँ नहीं हैं। इन सबमें सच्चाई है। पर सच है कि कलयुग की दुनिया पाखण्डियों पर ही विश्वास करती है। संतों के खेल को वो पाखण्ड ही समझती है।
साँच कहे जग मारन धाये, झूठे जग पतियाना।
कहो साहिब किसे समझायें, कहा कोई न माना॥
ऐसे निपटते हैं आप
कुछ समय पहले जब हमला हुआ तो 11 आश्रम जलाए गये। एक मंदिर जला दिया जाए तो पूरी दुनिया में हड़कंप मच जाएगा, हड़तालें हो जायेंगी। अगर किसी मस्जिद में आग लगा दी जाए तो हड़कंप मच जायेगा। अगर एक चर्च में आग लगा दें तो कैसा होगा! पूरी दुनिया में हड़कंप मच जायेगा। 'साहिब बंदगी' के 11 आश्रम जला दिए गये। यह कितना बड़ा ज़ुल्म है! सरकार ने भी साथ नहीं दिया, पुलिस ने भी नहीं। यह धार्मिक अपराध है, ईश्वरीय अपराध भी है। आपने