रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)
Rasendra Sara Sangraha of Gopalakrishna with Commentary
by गोपालकृष्ण भट्ट (टीकाकार: पं. रामप्रसाद वैद्य)
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Read in contextरसेन्द्रसारसंग्रह-विषयानुक्रमणिका । विषय. पृष्ठांक. | विषय. पृष्ठांक. पूर्वखण्ड । | रससिन्दूर १८ | रसकपूरकी विधि २१ मङ्गलाचरण १ | श्वेतभस्म सुधानिधि रस २२ रसकी प्रधानता २ | सर्वाङ्गसुन्दर रस ,, रसके पर्यायवाची शब्द ३ | कृष्णभस्म २३ उत्तम पारदकी परीक्षा ,, | चतुर्विध भस्मकी उत्तरोत्तर श्रेष्ठता २४ पारदमें स्वाभाविक दोष ४ | मूषाके बनानेकी श्रेष्ठ विधि ,, शोधनकी आवश्यकता ,, | नियामक गण २५ शुद्धाशुद्धके गुणदोष ,, | मारक गण २६ रसशोधनप्रकार ५ | अम्लवर्ग २७ तप्तखल्व विधान ६ | लवणवर्ग, मूत्रवर्ग द्राव वर्ग २८ रक्षामन्त्र या अघोरमन्त्र ७ | पित्तवर्ग, क्षारवर्ग, रससेवनविधि,, रसनिगड ,, | रससेवनका फल २९ पारदकी साधारणशुद्धि ,, | रससेवनमें पथ्य ,, विशेष शुद्धि ( दोषहरण ) ,, | रससेवनमें कुपथ्य ,, अन्य प्रकारसे शोधन ८ | उपरस, बंधकप्रकरण ३० ऊर्ध्वपातनसंस्कार ११ | अशुद्ध गंधकके दोष ३१ | गंधकके पर्यायवाची शब्द ,, अधःपातनसंस्कार १२ | गंधकशोधन विधि ,, तिर्यक्पातनसंस्कार ,, | शुद्ध गंधकके गुण ३२ बोधनसंस्कार १३ | हीरा शोधन प्रकरण । हिंगुलसे पारा निकालनेकी | अशुद्ध हीरेके दोष, वज्रशोधन ३३ विधि १४ | वज्रमारण ३४ पारदके अष्ट संस्कार ,, | वैक्रांतप्रकरण । ३५ सिंगरफसे पारा निकालनेमें | अभ्रक प्रकरण । अन्यमत १६ | वज्राभ्रकके लक्षण ३६ मूर्च्छनविधि १७ | पिनाकादि अभ्रकोंके अवगुण ३७ पारदमारण ,, | अन्यप्रकारसे पारदमारणविधि १८ |