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संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

by पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव

Source: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (origin)

Devanagarihipublished302 pages

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सन्तति-शास्त्र ।

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बच्चोंके दाँत निकलते समयकी सावधानियाँ

बच्चोंके दाँत प्रायः छठे-सातवें महीनेसे निकलने आरम्भ होते हैं । इस समय बच्चोंको कई प्रकारके कष्ट होते हैं, जैसे—

१. मसूढ़ोंमें सूजन और दर्द होना ।

२. लारका अधिक बहना ।

३. हल्का ज्वर (बुखार) आना ।

४. दस्त (पतले पाखाने) लगना ।

५. चिड़चिड़ापन और बेचैनी होना ।

उपाय और सावधानियाँ :

१. मसूढ़ोंपर दिनमें दो-तीन बार शहद या सुहागेका फूला शहदमें मिलाकर धीरे-धीरे मलना चाहिये ।

२. बच्चेको चबानेके लिये साफ और कड़ा खिलौना या गाजर आदि देनी चाहिये ।

३. यदि दस्त अधिक हों तो सौंफ और अतीसका काढ़ा या घुट्टी देनी चाहिये ।

४. बच्चेके पेटको साफ रखना चाहिये और सुपाच्य भोजन देना चाहिये ।

५. दूध स्वच्छ और ताजा ही देना चाहिये ।