संतति शास्त्र
Santati Shastra
by पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव
Source: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (origin)
Page 292 of 302
Read in contextसन्तति-शास्त्र ।
२७१
( ७२ )
बच्चोंके दाँत निकलते समयकी सावधानियाँ
बच्चोंके दाँत प्रायः छठे-सातवें महीनेसे निकलने आरम्भ होते हैं । इस समय बच्चोंको कई प्रकारके कष्ट होते हैं, जैसे—
१. मसूढ़ोंमें सूजन और दर्द होना ।
२. लारका अधिक बहना ।
३. हल्का ज्वर (बुखार) आना ।
४. दस्त (पतले पाखाने) लगना ।
५. चिड़चिड़ापन और बेचैनी होना ।
उपाय और सावधानियाँ :
१. मसूढ़ोंपर दिनमें दो-तीन बार शहद या सुहागेका फूला शहदमें मिलाकर धीरे-धीरे मलना चाहिये ।
२. बच्चेको चबानेके लिये साफ और कड़ा खिलौना या गाजर आदि देनी चाहिये ।
३. यदि दस्त अधिक हों तो सौंफ और अतीसका काढ़ा या घुट्टी देनी चाहिये ।
४. बच्चेके पेटको साफ रखना चाहिये और सुपाच्य भोजन देना चाहिये ।
५. दूध स्वच्छ और ताजा ही देना चाहिये ।