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संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

by पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव

Source: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (origin)

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सन्तति-शास्त्र ।

हवसी लड़की और यूरोप जैसे सर्व देशकी गोरी लड़की एक ही ढंग से परवरिश पावें, तो दोनों एक ही साथ ऋतुमती होंगी ।

(The origin of life )

डाक्टर रावर्टसन कहते हैं कि भारत और इङ्ग्लैंड दोनों जगह नौ नौ वर्ष की लड़कियाँ रजस्वला हुआ करती हैं या हो सकती हैं ।

(Medical jurisprudence by R Chevers )

डाक्टर हटक्रिन्स कहते हैं कि दो गोरी लड़कियाँ इतनी जल्दी रजस्वला हुईं कि वे ग्यारह वर्ष सात मास की आयु में माताएँ बन सकती थीं ।

(Medical jurisprudence by R Chevers )

टेलर साहबका कहना कि किसी भी देश में नौ वर्षकी लड़कियाँ गर्भवती हो सकती हैं, अर्थात् ऐसा हो जाना असम्भव नहीं है ।

(Medical jurisprudence by R Chevers )

एक बार इङ्ग्लैंड के मॅचेस्टर लाईगन अस्पताल में २४० लड़कियों की परीक्षा ली गई तो उनमें १० ग्यारह वर्ष की, १६ बारह वर्ष की, ५३ तेरह वर्ष की, ८५ चौदह वर्ष की, ६७ पन्द्रह वर्ष की और ७६ सोलह वर्ष की उम्र में रजस्वला हुईं ।

(Dr Fayer Calcutta European Female Orphan Asylum

इन बातों से पता चलता है कि सर्वत्र करीब २ एकही बात है । हमारे देशके लिये ऋषियों का मत है कि बारह वर्ष की अवस्था के पीछे रजोधर्म प्रारम्भ होता है और बुढ़ापे से शरीर निर्बल होने पर पचास वर्ष की अवस्था तक रहता है ।

( सु० श० ५० ३ श्लो० १० )

अब विचारणीय विषय यह है कि क्या कारण है कि हमारे देशमें कन्याएँ इस समय के पहले ही रजस्वला होजाती हैं ?