BharatKosha
शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)

शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)

Shukra Niti of Shukracharya Hindi

by महर्षि शुक्राचार्य

Source: Shukra Niti with Vidyodini Sanskrit-Hindi Commentary (origin)

DevanagariHindipublished526 pages

Page 239 of 526

Read in context
Page 239

तृतीयोऽध्यायः [१५३]

जानता है। और जो उत्तम मनुष्य होता है वह कर्तव्य और कृत दोनों को नहीं कहता है।

न प्रियाकथितं सम्यङ्मन्येतानुभवं बिना ॥ १६५ ॥
अपराधं मातृस्नुषा भ्रातृपत्नीसपत्निजम् ।

स्त्री के कथनमात्र से बिना स्वयं अनुभव किये समझने का निषेध— अपनी प्रिया स्त्री के कहने मात्र से ही माता, पुत्रवधू, भाई की पत्नी या सौत के अपराध को बिना स्वयं अनुभव किये सत्य नहीं समझना चाहिये।

अनृतं साहसं माया मूर्खत्वमतिलोभता ॥ १६६ :
अशौचं निर्दया दर्पः स्त्रीणामष्टौ स्वदुर्गुणाः ।

स्त्रियों के ८ दुर्गुणों का निर्देश— क्योंकि १ झूठ बोलना, २ साहस, ( सहसा कोई कार्य कर बैठना ), ३ माया ( ढोंग रचना ), ४ मूर्खता, ५ अत्यन्त लोभ, ६ अपवित्रता, ७ निर्दयता, ८ दर्प ( अहङ्कार ) ये ८ स्वाभाविक दुर्गुण स्त्रियों के होते हैं।

षोडशाब्दात्परं पुत्रं द्वादशाब्दात्परं स्त्रियम् ॥ १६७ ॥
न ताडयेद् दुष्टवाक्यैः पीडयेन्न स्नुषादिकम् ।

१६ वर्ष से ऊपर की अवस्था वाले पुत्रादि के ताड़नादि का निषेध— १६ वर्ष की अवस्था के बाद पुत्र और १२ वर्ष की अवस्था के बाद कन्या को नहीं मारना चाहिये। और पुत्रवधू आदि को कटु वचनों से क्लेश नहीं पहुँचाना चाहिये।

पुत्राधिकाश्च दौहित्रा भागिनेयाश्च भ्रातरः ॥ १६८ ॥
कन्याधिका पालनीया भ्रातृभार्या स्नुषा स्वसा ।

दौहित्र आदि का पुत्रादिकों से बढ़कर पालन करने का निर्देश— पुत्र से बढ़कर दौहित्र ( नाती ), भानजा, भाई इन सबों का एवं कन्या से बढ़कर भाई की स्त्री, पुत्रवधू और बहिन इनका पालन करना चाहिये।

आगमार्थं हि यतते रक्षणार्थं हि सर्वदा ॥ १६९ ॥
कुटुम्बपोषणे स्वामी तदन्ये तस्करा इव ।

स्वामी के लक्षण— जो कुटुम्ब-पालन के निमित्त धन की प्राप्ति और उसकी रक्षा के लिये सदा प्रयत्न करता है वही स्वामी है इससे अन्य स्वामी चोर के समान है क्योंकि वे कुटुम्ब-पालन न कर स्वयं उस धन का उपभोग करते हैं।

अनृतं साहसं मौर्ख्यं कामाधिक्यं स्त्रियां यतः ॥ १७० ॥
कामाद्विनैकशयने नैव सुप्यात्स्त्रिया सह ।

एक शय्या पर सदा स्त्री के साथ सोने का निषेध— क्योंकि स्त्रियों में

शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित) · Page 239 of 526 · BharatKosha