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शुकसप्तति : एक आलोचनात्मक अध्ययन

शुकसप्तति : एक आलोचनात्मक अध्ययन

Shuksaptati: Ek Alochanatmak Adhyayan

by श्रीमती हिमांशु द्विवेदी

DevanagariHindipublished208 pages

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इसके अतिरिक्त सैकडो कथायें समयानुसार प्रकाशित हुईं जो निम्न वर्गों में विषयानुसार विभाजित की जा सकती हैं।

पौराणिक कथायें :

"मणिकुण्डलापाख्यान" "दधीच्युपाख्यान" तथा "पौराणिकी काचिकथा" (अप्पाशास्त्री राशिवडेकर), "उषाहरणम्" (उपेन्द्रनाथसेन कृत), "शिवहास्यम्" (मनुजेन्द्रदत्त कृत), "सत्यदेव-कथा" (रामावतार शर्माकृत), "भद्रसोमा" चारूचन्द्रवन्द्योपाध्याय कृत।

उपदेश प्रधान :

"अदूरदर्शिता", "संशयात्मा विनश्यति" (द्वारका नाथ शर्मा), "शत्रुसंकीर्णे कथ वस्तव्यम्" (नन्दलाल शर्मा) कृत, "दशापरिणति:", "चित्रकार चातुर्यम्", "कुटिल मतिनिमि गोमायु:", "बकचापलम्", "भगवद् भक्त:", "किमर्थ सद्गुरु:" (अप्पाशास्त्री राशिडेकर) कृत, "व्याघ्री विवाहार्थी शृगाल:", "वशीकृत भूत:", "धर्मस्यासूक्ष्मागति:", "ईश्वरस्यधनदानक्रम:" "राक्षसप्रश्नम्", "बुद्धिमाहात्म्यम्" (नयचन्द्र सिद्धान्त भूषण भट्टाचार्य) कृत।

भावात्मक और मनोवैज्ञानिक :

"मदीय: स्वप्न:" (रामनाथ शास्त्री), "सत्यो बालचर:" "विषया समस्या", "बालक भृत्य:" (भट्ट-मथुरानाथ शास्त्री), "साधुमणि:" (के० श्रीनिवास), "रामोनास्तीह भूतले" (उपेन्द्र चन्द्र व्याकरणतीर्थ), "छापापथ:" (चन्द्रचूड़ शर्मा), "प्राधान्यवाद:", "विप्रलब्धा:" (अप्पाशास्त्री राशिवडेकर) कृत।

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