शुकसप्तति : एक आलोचनात्मक अध्ययन
Shuksaptati: Ek Alochanatmak Adhyayan
by श्रीमती हिमांशु द्विवेदी
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Read in contextहास्य एवं व्यंग्यपरक :
"लालाव्यायोगः", "चषण्डुकः", "शिष्या", "फाल्गुनी गोष्ठी" (भट्ट मथुरानाथ शास्त्री), "कलिप्रादुर्भाव" (वाई० महालिंग शास्त्री), "दर्दुर विलापः" (चन्द्रचूड़ शर्मा), "वेषमाहात्म्यम्", "व्यसन विमोक्ष", "पुरोहितधौर्त्यम्" (अप्पाशास्त्री राशिवडेकर)।
सामाजिक :
"अपत्यविक्रमः", "क्षुत्कथा", "दीनकन्यका" (विधुशेखर भट्टाचार्य), "वासन्ती" (दिवेन्द्र ब्रह्मचारी), "एकवार दर्शनम्", "दमनीया", "अनावृता" (भट्ट मथुरानाथ शास्त्री), "ममगृह रहस्यम्" (विश्वेश्वर शर्मा), "पल्लिच्छविः" (उपेन्द्र नाथसेन), "श्रीमती विद्यासुन्दरी देवी" (अप्पाशास्त्री राशिवडेकर), "स्त्री चरितम्", "नैष्ठिक ब्रह्मचारी", (चारूचन्द्र वन्द्योपाध्याय)।
प्रणय सम्बन्धी :
"प्रेमणः प्रतिदानम्", "दीक्षा" (भट्ट मथुरानाथ शास्त्री) "यथार्थ प्रेमिका", "आदर्श पतिः" (चारूचन्द्र वन्द्योपाध्याय)।
ऐतिहासिक :
"क्षत्रिय-पराक्रम" (हरिप्रसाद नर्मदेश्वर), "अंगुलिमालः", "पुरूराजः पौरूषम्", "भारतध्वजः", "विजयिघण्टा", "अत्याचारिणः परिणामः", "पृथ्वीराज पौरुषम्" "आल्हा च ऊदलश्च", "सिंह दुर्गे सिंह वियोगः", "वीरवाणी", "कृत्रिम वूनदी", "चिर अमर हवे बलिदाने", "सामन्त संग्रामः", "अनुपताः" (भट्ट मथुरानाथ शास्त्री), "बहूपचिकीर्षा-पन्नाधाय" (द्वारका नाथ शर्मा), "क्षत्रकथा-गौतम बुद्ध" (विधुशेखर भट्टाचार्य), "सयोगिता स्वयंवर" (परशुराम शर्मा वैद्य)।
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