BharatKosha
स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र

स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र

Swadeshi Bharat evam Videshi Kampaniyon Ka Shadyantra

by राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना

Source: Swadeshi Bharat & Rajiv Dixit Lectures · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (origin)

DevanagariHindipublished77 pages

Page 8 of 77

Read in context
Page 8

देश मे हो रही गौ हत्या को रोकने के लिए भी राजीव भाई ने कडा संघर्ष किया । राजीव भाई का कहना था कि जब तक हम गौ माता का आर्थिक मूल्यांकन कर लोगो को नहीं समझाएँगे । तब तक भारत मे गौ रक्षा नहीं हो सकती । क्योंकि कोई भी सरकार आजतक गौ हत्या के खिलाफ संसद मे बिल पास नहीं कर सकी । उनका कहना था कि सरकारी का तो पता नहीं वो कब संसद मे गौ हत्या के खिलाफ बिल पास करें क्योंकि कि आजादी के 64 साल मे तो उनसे बिल पास नहीं हुआ और आगे करेंगे इसका भरोसा नहीं ।। इसलिए तब हमे खुद अपने स्तर पर ही गौ हत्या रोकने का प्रयास करना चाहिए ।।

उन्होंने देश भर मे घूम घूम कर अलग अलग जगह पर व्याख्यान कर लोगो को गौ माता की महत्वता और उसका आर्थिक महत्व बताया । उन्होंने 60 लाख से अधिक किसानो को देसी खेती (ZERO BUDGET NATURAL FARMING) करने के सूत्र बताये कि कैसे किसान रासायनिक खाद, यूरिया आदि खेतो मे डाले बिना गौ माता के गोबर और गौ मूत्र से खेती कर सकते है । जिससे उनके उत्पादन का खर्चा लगभग शून्य होगा ।। और उनकी आय मे बहुत बढ़ोतरी होगी । आज किसान 15-15 हजार रुपए लीटर कीटनाशक खेत मे छिड़क रहा है ।। टनों टन मंहगा यूरिया, रासायनिक खाद खेत मे डाल रहा है जिससे उसके उत्पादन का खर्चा बढ़ता जा रहा है और उत्पादन भी कम होता जा रहा है ।। रासायनिक खाद वाले फल सब्जियाँ खाकर लाखो लाखो लोग दिन प्रतिदिन बीमार हो रहे हैं । राजीव भाई ने गरीब किसानो को गाय ना बेचने की सलाह दी और उसके गोबर और गौ मूत्र से खेती करने के सूत्र बताये ।। किसानो ने राजीव भाई के बताये हुए देसी खेती के सूत्रो द्वारा खेती करना शुरू किया और उनकी आर्थिक समृद्धि बहुत बढ़ी ।।

1998 मे राजीव भाई ने कुछ गौ समितियों के साथ मिलकर गौ हत्या रोकने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मे मुकदमा दायर कर दिया कि गौ हत्या नहीं होनी चाहिए । सामने बैठे कुरेशी कसाइयो ने कहा क्यों नहीं होनी चाहिए, कोर्ट मे साबित ये करना था की गाय की हत्या कर मांस बेचने से ज्यादा लाभ है या बचाने से ।। कसाइयो की तरफ से लड़ने वाले भारत के सभी बड़े -बड़े वकील जो 50-50 लाख तक फीस लेते हैं सोली सोराब्जी की बीस लाख की फीस है ।, कपिल सिब्बल 22 लाख की फीस है । महेश जेठ मालानी राम जेठ मालानी का लड़का जो फीस लेते है 32 लाख से 35 लाख सारे सभी बड़े वकील कसाइयों के पक्ष में । और इधर राजीव भाई जैसे लोगो के पास कोई बडा वकील नहीं था क्योंकि इतना पैसा नहीं था । तो इन लोगो ने अपना मुकदमा खुद ही लडा ।।(इस मुकदमे की पूरी जानकारी आपको राजीव भाई के व्याख्यान जिसका नाम गौ हत्या और राजनीति) मे मिल जाएगी ।।

हाँ इतना आपको जरूर बता दें 2005 मे मुकदमा राजीव भाई और उनके कार्यकर्ताओं ने जीत लिया ।। राजीव भाई अदालत मे गाय के एक किलो गोबर से 33 किलो खाद तैयार करने का फॉर्मूला बताया और अदालत के सामने करके भी दिखया जिससे रोज की 1800 से 2000 रुपए की रोज की कमाई की जा सकती है ।। ऐसे ही उन्होंने गौ मूत्र से बनने वाली औषधियों का आर्थिक मूल्यांकन करके बताया ।।। और तो और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की गाडी

8